पीएम मोदी का बड़ा ऐलान: पेपर लीक रोकने नया कानून लाएगी सरकार, सोनम वांगचुक ने 27 दिन बाद तोड़ा अनशन

नई दिल्ली। नीट पेपर लीक को लेकर देशभर में जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच गुरुवार देर रात बड़े राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिले। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देर रात राष्ट्र के नाम वीडियो संदेश जारी कर पेपर लीक की घटनाओं पर सख्ती का संकेत दिया। उन्होंने घोषणा की कि सरकार पेपर लीक रोकने और दोषियों को कड़ी सजा देने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के प्रावधान वाला नया विधेयक लाने जा रही है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि प्रस्तावित विधेयक पर शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा होगी। कैबिनेट की मंजूरी के बाद इसे अंतिम रूप देकर जल्द से जल्द संसद में पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता बनाए रखना और छात्रों का विश्वास बहाल करना है।
प्रधानमंत्री की घोषणा के कुछ ही देर बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना 27 दिनों से जारी अनशन समाप्त कर दिया। गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने उन्हें जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया।
अनशन समाप्त करने के बाद सोनम वांगचुक ने कहा कि सरकार ने उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल करने का भरोसा दिया है। उन्होंने बताया कि देश में बढ़ते तनाव और संभावित हिंसा की आशंका को देखते हुए तथा सरकार के आश्वासन के बाद उन्होंने यह निर्णय लिया।
नए कानून में हो सकते हैं ये प्रमुख प्रावधान
सूत्रों के मुताबिक प्रस्तावित कानून में पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कड़े दंड का प्रावधान किया जा सकता है। संभावित प्रावधानों में शामिल हैं—
- पेपर लीक के दोषियों को 5 से 10 वर्ष तक की सजा।
- गंभीर मामलों में जमानत के कड़े प्रावधान।
- यदि किसी कोचिंग संस्थान या शिक्षक की संलिप्तता पाई जाती है तो संस्थान के खिलाफ सख्त कार्रवाई और बंद करने का प्रावधान।
- संगठित अपराध या दोबारा अपराध करने पर सजा दोगुनी हो सकती है।
- पेपर तैयार करने या परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े दोषी अधिकारियों को आजीवन परीक्षा प्रणाली से बाहर किया जा सकता है।
सरकार का कहना है कि नए कानून का उद्देश्य पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाना, परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाना और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।



