
भाटापारा। नीट पेपर लीक मामले को लेकर प्रदेश एवं जिला कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर भाटापारा में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी द्वारा जोरदार धरना प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। धरना के अंत में महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
धरना प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर एवं संसद परिसर के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे विपक्षी नेताओं एवं छात्रों पर की गई कार्रवाई को अलोकतांत्रिक और बर्बरतापूर्ण बताया। इस दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सांसद प्रियंका गांधी सहित कांग्रेस नेताओं के समर्थन में नारे लगाए गए।
धरना को संबोधित करते हुए विधायक इन्द्र साव ने कहा कि नीट पेपर लीक देश के इतिहास का एक काला अध्याय है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने 23 लाख से अधिक युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। उन्होंने कहा कि इस घटना से आहत होकर कई छात्रों ने आत्महत्या तक कर ली, ऐसे में शिक्षा मंत्री की नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि वे तत्काल इस्तीफा दें।
विधायक साव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सरकार विश्वगुरु बनने का दावा करती है, लेकिन एक राष्ट्रीय परीक्षा को पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने में विफल रही है। उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले पर संसद में तत्काल चर्चा हो तथा विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर दर्ज सभी एफआईआर वापस ली जाएं।

उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे पर पीछे नहीं हटेगी और राहुल गांधी के नेतृत्व में छात्रों एवं युवाओं के हक की लड़ाई सड़क से संसद तक लड़ी जाएगी। “केंद्र सरकार को युवाओं के आक्रोश के सामने झुकना पड़ेगा,” उन्होंने कहा।
धरना प्रदर्शन को सतीश अग्रवाल, सुशील शर्मा, आलोक मिश्रा, राजकुमार शर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष दिवाकर मिश्रा, अजय ठाकुर, सत्यजीत शेण्डे, राजा तिवारी, लक्ष्मी पाण्डे, भरत वर्मा, मनहरण वर्मा एवं अय्युब बांठिया सहित कई नेताओं ने संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन मुकेश साहू ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन अमर मंडावी ने किया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें जितेन्द्र नवरत्न, सुधेराम वर्मा, घनाराम साहू, त्रिलोक सलूजा, सुरेन्द्र यदु, गौरी भृगु, अशोक ध्रुव, चन्द्रशेखर चक्रधारी, मनमोहन कुर्रे, मोहन निषाद सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल थे



