मुरासु तूफान से थमी रफ्तार! कई ट्रेनें और उड़ानें रद्द, इन राज्यों में भारी बारिश की आशंका

नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ आंध्र प्रदेश के तट से टकराने के बाद अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ने की ओर बढ़ रहा है। हालांकि, तूफान का असर अभी भी कई राज्यों में देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। तेज हवाओं, जलभराव और अचानक बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, मंगलवार 3 नवंबर की सुबह 3:30 से 5:30 बजे के बीच चक्रवात ने ओंगोल के पास नेल्लोर और नरसापुर के बीच आंध्र प्रदेश के तट को पार किया। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा रही, जबकि तेज झोंकों में यह 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई।
ट्रेन और हवाई सेवाओं पर पड़ा असर
चक्रवात के चलते रेल और हवाई यातायात भी प्रभावित हुआ है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दक्षिण तटीय रेलवे ने 9 ट्रेनों को रद्द कर दिया है। विजयवाड़ा, गुडूर, गुंटूर और तेनाली सहित कई रेल मार्गों पर परिचालन प्रभावित हुआ है।
वहीं, खराब मौसम के कारण 30 से अधिक उड़ानों पर असर पड़ा है। विजयवाड़ा, तिरुपति और विशाखापत्तनम एयरपोर्ट से संचालित 19 घरेलू उड़ानें तथा चेन्नई एयरपोर्ट की 11 उड़ानें रद्द करनी पड़ी हैं।
अगले कुछ घंटों में कमजोर होगा तूफान
मौसम विभाग के अनुसार, सुबह 5:30 बजे चक्रवात ओंगोल के पास केंद्रित था। यह बापटला से करीब 40 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम और मछलीपट्टनम से 120 किलोमीटर पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम में स्थित था।
पूर्वानुमान के मुताबिक, तूफान उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए धीरे-धीरे अपनी ताकत खोएगा। मंगलवार दोपहर तक इसकी तीव्रता सामान्य चक्रवाती तूफान जैसी रह सकती है और हवा की रफ्तार 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटा तक घटने का अनुमान है।
शाम तक हवाओं की गति 65 से 75 किलोमीटर प्रति घंटा और आधी रात तक इसके डिप्रेशन में बदलने की संभावना है। 4 नवंबर की सुबह तक इसके और कमजोर पड़ने का अनुमान जताया गया है।
छत्तीसगढ़ सहित इन राज्यों में बारिश की चेतावनी
चक्रवात का प्रभाव केवल तटीय इलाकों तक सीमित नहीं रहेगा। मौसम विभाग ने कई राज्यों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है।
आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों और रायलसीमा में मंगलवार को व्यापक बारिश के साथ कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा हो सकती है। तेलंगाना में भी कई जिलों के लिए मूसलाधार बारिश की चेतावनी है। उत्तरी तमिलनाडु में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
इसके अलावा दक्षिणी ओडिशा और छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में 3 और 4 नवंबर को मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। ऐसे में इन राज्यों के लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
समुद्र में उठ रही 14 मीटर तक ऊंची लहरें
तूफान के प्रभाव से समुद्र में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में 9 से 14 मीटर तक ऊंची तूफानी लहरें उठने की जानकारी दी गई है। सामान्य ज्वार से 1 से 1.5 मीटर ऊंची लहरें तटीय इलाकों में प्रवेश कर सकती हैं।
आंध्र प्रदेश के बापटला, प्रकाशम, नेल्लोर, कृष्णा, गुंटूर और पश्चिम गोदावरी में तेज हवाओं का असर बना हुआ है। वहीं चेन्नई, कांचीपुरम और तिरुवल्लूर में भी तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
कई जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा
भारी बारिश के चलते अगले 24 घंटों में अचानक बाढ़ और जलभराव की आशंका जताई गई है। आंध्र प्रदेश के बापटला, गुंटूर, कृष्णा, एलुरु, पलनाडु, प्रकाशम और नेल्लोर जिले संवेदनशील बताए गए हैं।
तेलंगाना के नलगोंडा, नगरकुरनूल और सूर्यापेट के साथ रायलसीमा के तिरुपति और अन्नामय्या जिलों के निचले इलाकों में भी पानी भरने का खतरा है।
तेज हवाओं से कच्चे मकानों, झोपड़ियों और टीन की छतों को नुकसान पहुंच सकता है। पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से बिजली आपूर्ति तथा संचार व्यवस्था बाधित होने की आशंका है। वहीं केले, पपीते, नारियल के बागानों और धान की फसल को भी नुकसान पहुंच सकता है।
मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह
मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने मछुआरों को 4 नवंबर की दोपहर तक बंगाल की खाड़ी और संबंधित समुद्री क्षेत्रों में नहीं जाने की हिदायत दी है। तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। कमजोर इमारतों से दूर रहें और जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से बचें। यात्रा करने से पहले ट्रेन और उड़ानों की स्थिति की जानकारी जरूर लें।
फिलहाल चक्रवात कमजोर पड़ रहा है, लेकिन इसके कारण होने वाली बारिश और तेज हवाएं अगले 24 से 48 घंटों तक कई राज्यों में परेशानी बढ़ा सकती हैं।



