धान कटाई से पहले मौसम का बड़ा झटका? ‘मुरासु’ के असर से इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

रायपुर। चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ से हुए नुकसान की चिंता अभी कम भी नहीं हुई थी कि अब एक और तूफान ने छत्तीसगढ़ के किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ गंभीर रूप ले चुका है। इसके प्रभाव से प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने 3 नवंबर के लिए बस्तर संभाग के पांच जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि 10 से अधिक जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है।
गंभीर चक्रवाती तूफान में बदला ‘मुरासु’
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, पश्चिम-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ पिछले छह घंटों में करीब 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा है। इसकी तीव्रता बढ़कर गंभीर चक्रवाती तूफान के स्तर पर पहुंच गई है।
मौसम विभाग के मुताबिक, 2 नवंबर 2026 को सुबह 2:30 बजे तूफान 13.6 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 82.5 डिग्री पूर्वी देशांतर के पास स्थित था। यह चेन्नई से लगभग 260 किलोमीटर पूर्व-उत्तर-पूर्व और आंध्र प्रदेश के नेल्लोर से करीब 290 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व में था।
आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की संभावना
मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि ‘मुरासु’ 2 नवंबर की रात 11:30 बजे से 3 नवंबर की सुबह 4 बजे के बीच नेल्लोर और नरसापुर के बीच ओंगोल के पास दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तट को पार कर सकता है। इस दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे रहने की संभावना है, जबकि झोंकों के साथ इसकी गति 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
तूफान को देखते हुए आंध्र प्रदेश और ओडिशा में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
छत्तीसगढ़ के इन 5 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
‘मुरासु’ के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में भी मौसम बदलने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 3 नवंबर को सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर और नारायणपुर में तेज बारिश हो सकती है। इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
वहीं, प्रदेश के 10 से अधिक अन्य जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है। इन क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है।
धान कटाई से पहले किसानों की बढ़ी चिंता
प्रदेश में धान कटाई का सीजन नजदीक है। ऐसे समय में लगातार बारिश की आशंका ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। इससे पहले चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से हुई बारिश के कारण कई किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा था। खेतों में पानी भरने और फसल प्रभावित होने से किसान पहले ही परेशान हैं।
अब ‘मुरासु’ के असर से फिर बारिश की चेतावनी ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। किसानों को आशंका है कि यदि कटाई के समय तेज बारिश हुई तो खेतों में खड़ी और कटी हुई धान की फसल दोनों प्रभावित हो सकती हैं। ऐसे में आने वाले कुछ दिन प्रदेश के किसानों के लिए अहम रहने वाले हैं।



