
नई दिल्ली। आगामी त्योहारी सीजन में घर लौटने वाले यात्रियों की बढ़ती भीड़ के बीच भारतीय रेलवे की ई-टिकटिंग शाखा IRCTC ने नया रिकॉर्ड बनाया है। 7 सितंबर को IRCTC के माध्यम से एक दिन में 20 लाख से अधिक ट्रेन टिकट बुक किए गए। खास बात यह रही कि इतनी बड़ी संख्या में ऑनलाइन बुकिंग के बावजूद सिस्टम में कोई बड़ी तकनीकी रुकावट नहीं आई।
एक दिन में 20.06 लाख टिकट बुक
IRCTC के आंकड़ों के मुताबिक, 7 सितंबर को कुल 20,06,353 टिकटों की बुकिंग हुई, जो अब तक का रिकॉर्ड बताया गया है। इसके अगले दिन 8 सितंबर को भी 19,50,699 टिकट बुक किए गए। पिछले साल त्योहारी सीजन के पीक डे पर 18,40,203 टिकट बुक हुए थे। इस लिहाज से इस बार की रिकॉर्ड बुकिंग करीब 6 फीसदी अधिक रही।
दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ महापर्व के दौरान ट्रेनों में बढ़ती मांग को देखते हुए बड़ी संख्या में यात्री पहले से टिकट बुक कर रहे हैं।
दोगुनी की गई सर्वर क्षमता
त्योहारी सीजन में ऑनलाइन टिकट बुकिंग बढ़ने की संभावना को देखते हुए IRCTC ने अपनी सर्वर क्षमता को करीब दोगुना किया है। इसके साथ ही 15 जुलाई 2026 को नया यूजर इंटरफेस भी लॉन्च किया गया था। नए इंटरफेस में यात्री एक ही स्क्रीन पर अलग-अलग ट्रैवल क्लास में सीट की उपलब्धता देख सकते हैं। इससे टिकट बुकिंग प्रक्रिया आसान होने के साथ सिस्टम पर ट्रैफिक को संभालने में भी मदद मिली।
3.04 करोड़ फर्जी अकाउंट किए ब्लॉक
टिकटों की कालाबाजारी और अवैध सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए रेलवे ने एंटी-बोट सिस्टम को भी मजबूत किया है। इसके बाद संदिग्ध ऑटोमेटेड ट्रैफिक में 55 से 65 फीसदी तक कमी दर्ज होने का दावा किया गया है।
रेलवे के मुताबिक, IRCTC ने 3.04 करोड़ फर्जी यूजर अकाउंट ब्लॉक किए हैं, जबकि 6.33 करोड़ यूजर आईडी को दोबारा वेरिफिकेशन के लिए चिह्नित किया गया है। तत्काल टिकट बुकिंग शुरू होने के शुरुआती 10 मिनट में अधिकृत एजेंटों की बुकिंग पर भी रोक लगाई गई है।
IRCTC ऐप से सबसे ज्यादा बुकिंग
IRCTC के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक राहुल हिमैलियन के अनुसार, रोजाना होने वाली 18 से 19 लाख बुकिंग में करीब 89 फीसदी ऑनलाइन होती हैं। ऑनलाइन बुकिंग में सबसे बड़ा हिस्सा IRCTC Rail Connect App का है, जिसके जरिए करीब 53 फीसदी टिकट बुक किए जाते हैं।
वहीं पेटीएम, मेकमायट्रिप और कन्फर्मटिकट जैसे थर्ड-पार्टी प्लेटफॉर्म से करीब 28 फीसदी और IRCTC की वेबसाइट से करीब 17 फीसदी ऑनलाइन बुकिंग होती है। शेष करीब 2 फीसदी टिकट सरकारी सिस्टम और काउंटरों के जरिए बुक किए जाते हैं।



