राजधानी में हाई अलर्ट! गृह मंत्रालय के आदेश के बाद 2000 जवानों की दिल्ली में तैनाती

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में संसद के मानसून सत्र और लगातार हो रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। गृह मंत्रालय (MHA) के निर्देश पर पश्चिम बंगाल से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की 20 अतिरिक्त कंपनियों को तत्काल दिल्ली बुलाया गया है। इन कंपनियों के लगभग 2000 जवानों को हवाई मार्ग से राजधानी पहुंचाया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, हाल के दिनों में विभिन्न मुद्दों को लेकर हो रहे प्रदर्शन और संभावित कानून-व्यवस्था की चुनौतियों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। सुरक्षा एजेंसियां किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पहले से ही सतर्क हैं और अतिरिक्त बल की तैनाती इसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।
पहले से तैनात हैं RAF और CRPF की कई कंपनियां
20 जुलाई से संसद का मानसून सत्र जारी है, जिसके चलते दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही कड़ी है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की सहायता के लिए पहले से CRPF और उसकी दंगा-रोधी इकाई रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की करीब 30 कंपनियां तैनात हैं। अब पश्चिम बंगाल से बुलाई गई 20 नई कंपनियों के शामिल होने से राजधानी की सुरक्षा और मजबूत हो जाएगी।
पश्चिम बंगाल से दिल्ली भेजे गए जवान
बताया जा रहा है कि जिन CRPF कंपनियों को दिल्ली भेजा जा रहा है, उन्हें पहले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान सुरक्षा ड्यूटी के लिए तैनात किया गया था। राज्य सरकार के अनुरोध पर वे वहीं रुकी हुई थीं, लेकिन अब गृह मंत्रालय के निर्देश पर उन्हें तत्काल दिल्ली रवाना कर दिया गया है।
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि अतिरिक्त बल की तैनाती का उद्देश्य संसद सत्र, वीआईपी सुरक्षा और संभावित विरोध-प्रदर्शनों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार निगरानी रखी जा रही है।



