
नई दिल्ली। शहरी गरीबों को पक्का और सुरक्षित घर उपलब्ध कराने की केंद्र सरकार की मुहिम लगातार आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना-अर्बन 2.0 (PMAY-U 2.0) के तहत अब तक करीब 18.77 लाख घरों को मंजूरी दी जा चुकी है। इसके साथ ही योजना जल्द ही 20 लाख घरों की मंजूरी के अहम पड़ाव को पार करने के करीब पहुंच गई है।
सरकार के मुताबिक, इन मंजूरियों से शहरी गरीब परिवारों के लिए किफायती, सुरक्षित और पक्के घर सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। योजना का उद्देश्य ‘सभी के लिए आवास’ के लक्ष्य को साकार करना है, ताकि अधिक से अधिक शहरी परिवार अपने पक्के घर के मालिक बन सकें।
18.77 लाख घरों में 17.19 लाख महिलाओं को आवंटित
आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय (MoHUA) के अनुसार, PMAY-U 2.0 के तहत मंजूर किए गए 18.77 लाख घरों में से 17.19 लाख यानी करीब 92 प्रतिशत घर महिलाओं को आवंटित किए गए हैं। इससे महिलाओं को आवासीय सुरक्षा के साथ-साथ संपत्ति के स्वामित्व में भी बड़ी भागीदारी मिल रही है।
मंत्रालय के शहरी विकास विभाग के सचिव सतेंद्र सिंह ने योजना के समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजना की लगातार निगरानी की जाए, ताकि इसका लाभ सभी पात्र लाभार्थियों तक पहुंच सके। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी तरह की बाधा सामने आने पर उसकी तत्काल पहचान कर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ समन्वय से उसका समाधान किया जाना चाहिए।
जरूरत के हिसाब से मिल रहे कई आवास विकल्प
PMAY-U 2.0 के तहत शहरी क्षेत्रों में रहने वाले पात्र EWS, LIG और MIG परिवारों को अलग-अलग माध्यमों से आवासीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। लाभार्थी योजना के तहत अपना पक्का घर बना सकते हैं या योजना के अंतर्गत विकसित परियोजनाओं में घर खरीद सकते हैं।
इसके अलावा पात्र परिवारों को किफायती किराए के मकान का विकल्प और योग्य होम लोन पर ब्याज सब्सिडी का लाभ भी मिल सकता है। इस तरह लाभार्थियों को उनकी जरूरत, पात्रता और आर्थिक स्थिति के अनुसार अलग-अलग आवास विकल्प उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
PMAY-U और PMAY-U 2.0 से 1.25 करोड़ से ज्यादा घर मंजूर
PMAY-U 2.0, प्रधानमंत्री आवास योजना-अर्बन के तहत अब तक हुई प्रगति को आगे बढ़ा रही है। सरकार के अनुसार, PMAY-U और PMAY-U 2.0 के तहत कुल 1.25 करोड़ से अधिक घरों को मंजूरी दी जा चुकी है, जबकि 1 करोड़ से ज्यादा घरों का निर्माण पूरा कर उन्हें लाभार्थियों को सौंपा जा चुका है।
कमजोर वर्गों को भी मिला आवास का लाभ
सरकार के अनुसार, योजना में समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को भी प्राथमिकता दी जा रही है। इसके तहत बुजुर्गों को 1.80 लाख घर आवंटित किए गए हैं।
वहीं, अनुसूचित जाति (SC) लाभार्थियों के लिए करीब 3.25 लाख, अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए 1.02 लाख और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए 8.22 लाख घरों को मंजूरी दी गई है।
PMAY-U 2.0 के जरिए केंद्र सरकार का जोर शहरी गरीब परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने के साथ-साथ महिलाओं और कमजोर वर्गों की आवासीय सुरक्षा मजबूत करने पर है।



