RO.NO. 01
छत्तीसगढ़

खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए संसाधनों और अवसरों की नहीं होगी कमी: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

प्रदेश में खेल अधोसंरचना का तेजी से हो रहा विस्तार, रायपुर में 60 करोड़ रुपए की लागत से बन रही आर्चरी अकादमी

रायपुर। छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और उन्हें राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए राज्य सरकार खेल अधोसंरचना और प्रशिक्षण सुविधाओं के विस्तार पर जोर दे रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रदेश के गांवों, वनांचलों और दूरस्थ क्षेत्रों में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की कोई कमी नहीं है। जरूरत है कि इन प्रतिभाओं की समय पर पहचान कर उन्हें बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक संसाधन और आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराए जाएं। खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए संसाधनों और अवसरों की कमी नहीं होने दी जाएगी।

मुख्यमंत्री साय राजधानी रायपुर के सिविल लाइन स्थित न्यू सर्किट हाउस में आयोजित छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ की एग्जीक्यूटिव बॉडी मीटिंग एवं जनरल काउंसिल मीटिंग को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि खेल केवल प्रतियोगिता और पदक तक सीमित नहीं हैं, बल्कि युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और सकारात्मक ऊर्जा विकसित करने का सशक्त माध्यम हैं।

खेल संघों को उद्योग समूहों से जोड़ने पर जोर

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न खेल संघों को उद्योग समूहों से जोड़ने की पहल में तेजी लाने की बात कही। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में अनेक बड़े उद्योग समूह कार्यरत हैं। यदि ये समूह विभिन्न खेलों और खेल संघों के साथ जुड़कर सहयोग करें, तो खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता, प्रतियोगिताओं के आयोजन और खेल अधोसंरचना के विस्तार में महत्वपूर्ण सहायता मिल सकती है।

उन्होंने अपने केंद्रीय राज्य मंत्री के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उद्योग जगत और खेल गतिविधियों के बीच बेहतर समन्वय के सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं। उन्होंने इस दिशा में सुनियोजित ढंग से पहल करने के निर्देश दिए।

खेल संघों के लिए वरिष्ठ अधिकारी करेंगे समन्वय

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ और राज्य शासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा। खेल संघों की आवश्यकताओं और शासन स्तर पर जरूरी प्रक्रियाओं को सुगम बनाने के लिए मुख्यमंत्री सचिवालय के एक वरिष्ठ अधिकारी को विशेष रूप से छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के साथ समन्वय की जिम्मेदारी दी जाएगी।

इससे खेल संघों के प्रस्तावों और आवश्यकताओं पर शासन स्तर पर प्रभावी समन्वय सुनिश्चित हो सकेगा। उन्होंने कहा कि खेलों के विकास से जुड़े विषयों का समयबद्ध समाधान हो और खिलाड़ियों को योजनाओं तथा सुविधाओं का पूरा लाभ मिले, इसके लिए शासन और खेल संगठनों के बीच निरंतर संवाद जरूरी है।

रायपुर में 60 करोड़ से बनेगी आर्चरी अकादमी

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में आधुनिक खेल अधोसंरचना विकसित करने के लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है। रायपुर, रायगढ़ और कुनकुरी में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जा रहा है। वहीं रायपुर में लगभग 60 करोड़ रुपए की लागत से अत्याधुनिक आर्चरी अकादमी का निर्माण किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इन सुविधाओं के विकसित होने से खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और अभ्यास की बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। राज्य सरकार का प्रयास है कि खिलाड़ियों को आधुनिक तकनीक, विशेषज्ञ प्रशिक्षकों और आवश्यक संसाधनों के साथ अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिले।

पंडरापाठ में 20-25 करोड़ से बनेगी आर्चरी अकादमी

मुख्यमंत्री साय ने जशपुर अंचल में तीरंदाजी की समृद्ध परंपरा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से पहाड़ी कोरवा समुदाय के युवाओं में तीरंदाजी की नैसर्गिक प्रतिभा है। इन प्रतिभाओं को आधुनिक प्रशिक्षण और विशेषज्ञ मार्गदर्शन उपलब्ध कराकर बड़े खेल मंचों तक पहुंचाया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि जशपुर के पंडरापाठ में लगभग 20 से 25 करोड़ रुपए की लागत से आर्चरी अकादमी की स्थापना की जा रही है। इससे जशपुर सहित आसपास के वनांचल के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अपने क्षेत्र में ही आधुनिक प्रशिक्षण की सुविधा मिल सकेगी।

बस्तर और सरगुजा ओलंपिक से सामने आ रहीं प्रतिभाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर और सरगुजा जैसे अंचलों में खेल प्रतिभाओं की अपार संभावनाएं हैं। बस्तर ओलंपिक ने दूरस्थ क्षेत्रों के हजारों युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच दिया है। राज्य सरकार बस्तर ओलंपिक का आयोजन प्रत्येक वर्ष करेगी। सरगुजा ओलंपिक के माध्यम से भी क्षेत्र के खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि खेल उत्कर्ष मिशन के माध्यम से प्रदेश की प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें बेहतर प्रशिक्षण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का कार्य किया जा रहा है। प्रतिभाशाली खिलाड़ी चाहे बड़े शहर से हो या दूरस्थ गांव और वनांचल से, सभी को आगे बढ़ने के समान अवसर मिलना चाहिए।

खेल अलंकरण की पुनः शुरुआत से बढ़ा खिलाड़ियों का उत्साह

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों और खिलाड़ियों को अभूतपूर्व प्रोत्साहन मिला है। इसी भावना के साथ छत्तीसगढ़ सरकार भी खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य में खेल अलंकरण समारोह की पुनः शुरुआत की गई है। उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सम्मानित और प्रोत्साहित करने के साथ उन्हें आवश्यक आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है। खिलाड़ियों को शासकीय सेवा में अवसर देने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ 40वें नेशनल गेम्स की मेजबानी के लिए करेगा प्रयास

बैठक में 40वें नेशनल गेम्स का आयोजन छत्तीसगढ़ में कराने के विषय पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में खेल अधोसंरचना के विस्तार के साथ अब बड़े राष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी की दिशा में गंभीरता से आगे बढ़ने का समय है।

उन्होंने कहा कि 40वें नेशनल गेम्स की मेजबानी छत्तीसगढ़ को दिलाने के लिए शासन स्तर पर आवश्यक प्रयास किए जाएंगे। यदि मेजबानी मिलती है, तो आयोजन को बस्तर से भी जोड़ने की संभावनाओं पर विचार किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय खेलों जैसे बड़े आयोजन से प्रदेश में खेल अधोसंरचना के विकास को गति मिलेगी। स्थानीय खिलाड़ियों को देश के श्रेष्ठ खिलाड़ियों से सीखने का अवसर मिलेगा और प्रदेश में खेल संस्कृति को व्यापक स्तर पर बढ़ावा मिलेगा।

वनांचल में तीरंदाजी और मलखम्ब की अपार संभावनाएं: केदार कश्यप

वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। खेल अधोसंरचना के निर्माण और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए बजट में आवश्यक प्रावधान किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के वनांचलों में तीरंदाजी जीवन और संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। यहां प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत उन्हें तकनीकी प्रशिक्षण और उचित मार्गदर्शन देने की है। बस्तर के जनजातीय युवा मलखम्ब में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। सामूहिक खेलों के साथ व्यक्तिगत खेलों में भी खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए।

सांसद विजय बघेल ने खेल विकास के प्रयासों का किया स्वागत

सांसद विजय बघेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेल गतिविधियों का तेजी से विस्तार हुआ है। प्रधानमंत्री अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाड़ियों से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन करते हैं। इससे खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ा है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी छत्तीसगढ़ में खिलाड़ियों और खेल अधोसंरचना के विकास के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। खेल अलंकरण की पुनः शुरुआत और उत्कृष्ट खिलाड़ियों को शासकीय सेवा में अवसर प्रदान करने जैसे निर्णयों ने खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया है।

अन्य जिलों में भी गठित होंगे जिला ओलंपिक संघ

बैठक में छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव डॉ. विक्रम सिसोदिया ने पिछली एग्जीक्यूटिव बॉडी बैठक का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने प्रदेश में खेलों के क्षेत्र में हासिल उपलब्धियों, संघ की गतिविधियों और आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी।

बैठक में ओलंपिक दिवस, विभिन्न खेल गतिविधियों, नेशनल गेम्स, खेल संघों की आवश्यकताओं और आगामी गतिविधियों के लिए बजटीय प्रावधानों पर चर्चा हुई। प्रदेश में वर्तमान जिला ओलंपिक संघों के अतिरिक्त अन्य जिलों में भी जिला ओलंपिक संघ गठित करने के लिए समिति बनाए जाने पर सहमति प्रदान की गई।

बैठक में छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के उपाध्यक्ष विजय बघेल, डॉ. हिमांशु द्विवेदी, शरद शुक्ला, रमेश कुमार वास्तव, सुनील कुमार अग्रवाल सहित विभिन्न खेल संघों के प्रतिनिधि एवं अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

Share this
advertisement

Kailash Jaiswal

"BBN24 News - ताजा खबरों का सबसे विश्वसनीय स्रोत! पढ़ें छत्तीसगढ़, भारत और दुनिया की ब्रेकिंग न्यूज, राजनीति, खेल, व्यवसाय, मनोरंजन और अन्य अपडेट सबसे पहले।"

Related Articles

Back to top button