BCCI पर नहीं चलेगा RTI कानून, केंद्रीय सूचना आयोग ने साफ किया रुख

नई दिल्ली। केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) ने एक अहम फैसले में कहा है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के दायरे में नहीं आएगा। आयोग ने स्पष्ट किया कि बीसीसीआई को आरटीआई कानून के तहत “लोक प्राधिकरण” नहीं माना जा सकता।
इस फैसले के बाद दुनिया के सबसे धनी क्रिकेट संगठनों में शामिल बीसीसीआई को आरटीआई के तहत अनिवार्य रूप से सूचना उपलब्ध कराने की बाध्यता से राहत मिल गई है।
गौरतलब है कि वर्ष 2018 में तत्कालीन सूचना आयुक्त M. Sridhar Acharyulu ने बीसीसीआई को “पब्लिक अथॉरिटी” घोषित किया था। उस निर्णय के बाद बोर्ड को आरटीआई के दायरे में लाने को लेकर बहस तेज हो गई थी।
हालांकि, अगस्त 2025 में केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक में आरटीआई से जुड़े प्रावधानों में संशोधन किया था। संशोधित प्रावधानों के अनुसार केवल वही संस्थाएं आरटीआई के दायरे में आएंगी, जो सरकारी अनुदान या वित्तीय सहायता पर निर्भर हैं।
बीसीसीआई लंबे समय से खुद को आरटीआई के दायरे से बाहर रखने की मांग करता रहा है। बोर्ड का तर्क रहा है कि वह अन्य राष्ट्रीय खेल महासंघों (NSF) की तरह सरकारी सहायता पर निर्भर नहीं है और अपने संसाधनों से संचालन करता है।
केंद्रीय सूचना आयोग के ताजा फैसले को बीसीसीआई के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।



