भारतीय रेलवे ने वाडी-रायचूर खंड के लिए ₹220 करोड़ की इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन अपग्रेडेशन परियोजना को दी मंजूरी

नई दिल्ली: भारतीय रेलवे ने रेलवे अवसंरचना को मजबूत करने और व्यस्त रेल मार्गों पर क्षमता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। रेलवे ने दक्षिण मध्य रेलवे के वाडी-रायचूर खंड पर इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन सिस्टम को 1×25 केवी से 2×25 केवी में अपग्रेड करने के लिए 220 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दे दी है।
यह परियोजना 102 रूट किलोमीटर (204 ट्रैक किलोमीटर) के डबल लाइन खंड को कवर करेगी और उच्च घनत्व वाले रेल नेटवर्क के आधुनिकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
102 किलोमीटर लंबे रेलखंड का होगा आधुनिकीकरण
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, दक्षिण मध्य रेलवे के 102 किलोमीटर लंबे वाडी-रायचूर खंड पर 2×25 केवी इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन सिस्टम लागू किया जाएगा। इससे ट्रैक्शन अवसंरचना अधिक मजबूत होगी और बढ़ते रेल यातायात की मांग को बेहतर तरीके से पूरा किया जा सकेगा।
हाई डेंसिटी नेटवर्क का अहम हिस्सा
वाडी-रायचूर खंड हाई डेंसिटी नेटवर्क (एचडीएन) रूट-7 का हिस्सा है, जो मुंबई, पुणे, वाडी, रायचूर, गुंटकल, कडपा, रेनिगुंटा और चेन्नई जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ता है। इस मार्ग पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री और मालगाड़ियों का संचालन होता है।
बढ़ेगी क्षमता और परिचालन दक्षता
नई तकनीक लागू होने से मौजूदा ट्रैक्शन सिस्टम की क्षमता में बढ़ोतरी होगी। इससे यात्री ट्रेनों और मालगाड़ियों का संचालन अधिक कुशल, विश्वसनीय और सुचारु तरीके से किया जा सकेगा। साथ ही, इस महत्वपूर्ण रेल कॉरिडोर पर ट्रेनों की आवाजाही में भी सुधार आएगा।
भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनेगा रेलवे नेटवर्क
भारतीय रेलवे के मुताबिक, यह परियोजना रेलवे नेटवर्क के आधुनिकीकरण और व्यस्त रेल मार्गों की क्षमता बढ़ाने की व्यापक योजना का हिस्सा है। इससे परिचालन दक्षता में सुधार होगा और यात्रियों के साथ-साथ माल ढुलाई सेवाओं को भी आधुनिक एवं विश्वसनीय सुविधाएं मिलेंगी।
रेलवे का मानना है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद भविष्य की जरूरतों के अनुरूप एक मजबूत और आधुनिक रेल नेटवर्क विकसित करने में मदद मिलेगी।



