बड़ी खबर : CAG रिपोर्ट में खुलासा: खनिज क्षेत्र कल्याण योजनाओं में भारी गड़बड़ी, करोड़ों की अनियमितताएं उजागर

रायपुर। छत्तीसगढ़ में खनिज क्षेत्र से जुड़े विकास कार्यों और योजनाओं को लेकर नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) की ताज़ा रिपोर्ट ने कई गंभीर खामियों को उजागर किया है। वर्ष 2026 की रिपोर्ट क्रमांक-05 में जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) और प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना (PMKKKY) के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े किए गए हैं। यह रिपोर्ट 14 जुलाई 2026 को विधानसभा में पेश की गई।
बिना योजना खर्च हुई हजारों करोड़ की राशि
CAG रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य में DMF फंड के उपयोग में गंभीर लापरवाही सामने आई है।
बिना वार्षिक योजना और बजट बनाए ही निधियों का उपयोग किया गया
₹1,060.70 करोड़ से अधिक की राशि बिना स्पष्ट योजना के खर्च कर दी गई
नियमों के खिलाफ फंड ट्रांसफर
केंद्र सरकार के निर्देशों के विपरीत ₹1.68 करोड़ जिला खनिज संस्थान प्रकोष्ठ को ट्रांसफर किए गए
वहीं राज्य स्तरीय प्रकोष्ठ के पास ₹10.82 करोड़ की कमी पाई गई
खनन प्रभावित गांवों की पहचान में देरी
प्रभावित क्षेत्रों की पहचान DMF गठन के 5 से 65 महीने बाद की गई
कई गांवों को सूची में शामिल ही नहीं किया गया
जिला कलेक्टरों द्वारा जारी सूची DMF नियमों के अनुरूप नहीं पाई गई
अधूरे और अनुपयोगी प्रोजेक्ट्स पर करोड़ों खर्च
₹41.80 करोड़ के प्रोजेक्ट जैसे कला केंद्र, बायोगैस प्लांट, मिल्क चिलिंग यूनिट अधूरे या बेकार पाए गए
योजना का उद्देश्य प्रभावित क्षेत्रों में विकास था, लेकिन काम धरातल पर नहीं दिखा
योजना से हटकर खर्च
₹30.73 करोड़ की राशि सरकारी भवन, सड़क और अन्य गैर-प्राथमिक कार्यों में खर्च की गई
जबकि योजना का फोकस खनन प्रभावित क्षेत्रों के स्वास्थ्य, शिक्षा और आजीविका पर होना चाहिए था
टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता
बिना ओपन टेंडर के ₹38.82 करोड़ के कार्य आवंटित
₹17.49 करोड़ के कार्य सीमित निविदा के आधार पर दिए गए
छत्तीसगढ़ भंडार क्रय नियम 2002 का उल्लंघन पाया गया
मानव संसाधन और मॉनिटरिंग की भारी कमी
कई जिलों में महत्वपूर्ण पद खाली पाए गए
12 जिलों में बैठकों और निगरानी की व्यवस्था नहीं
कोरबा, बिलासपुर, रायगढ़, राजनांदगांव में 50% से अधिक स्टाफ की कमी
81% फंड खर्च के बाद भी जमीनी असर नहीं
₹4,536.58 करोड़ (81%) खर्च होने के बावजूद
11 जिलों के 754 गांव अब भी खनन के दुष्प्रभाव से जूझ रहे हैं
स्वास्थ्य और आजीविका सुधार के ठोस इंतजाम नहीं
CAG की रिपोर्ट साफ तौर पर बताती है कि छत्तीसगढ़ में खनिज क्षेत्र कल्याण योजनाओं के क्रियान्वयन में योजना, पारदर्शिता और निगरानी की गंभीर कमी रही है।
करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद खनन प्रभावित लोगों तक लाभ नहीं पहुंच पाया, जिससे अब यह मुद्दा विधानसभा में बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है।
“खनिज से निकली दौलत… लेकिन प्रभावित इलाकों तक नहीं पहुंचा विकास… CAG रिपोर्ट ने खोल दी पूरी पोल…”


