मासिक परीक्षा के पेपर में सेंध! बिजराडीह स्कूल में तय समय से चार घंटे पहले कराया गया पेपर, सोशल मीडिया पर वायरल

भाटापारा। भाटापारा के समीप ग्राम बिजराडीह स्थित स्कूल से मासिक परीक्षा के पेपर को लेकर गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। कक्षा 10वीं, 12वीं सहित अन्य कक्षाओं की मासिक परीक्षा दोपहर 12 बजे आयोजित होनी थी, जिसके प्रश्नपत्र जिला कार्यालय से सभी स्कूलों को भेजे गए थे। आरोप है कि बिजराडीह स्कूल में निर्धारित समय से करीब चार घंटे पहले ही सुबह 8 बजे विद्यार्थियों से पेपर लिया गया। परीक्षा से संबंधित पेपर सोशल मीडिया पर भी वायरल होने की बात सामने आई है।
मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। यदि प्रश्नपत्र को निर्धारित समय तक गोपनीय रखा जाना था, तो आखिर बिजराडीह स्कूल में सुबह 8 बजे ही विद्यार्थियों को प्रश्नपत्र कैसे उपलब्ध करा दिया गया? क्या प्रश्नपत्र समय से पहले खोलकर वितरित किया गया या फिर परीक्षा की गोपनीयता से जुड़ी किसी प्रक्रिया का उल्लंघन हुआ, यह जांच का विषय है।
इस संबंध में जब बिजराडीह स्कूल के प्राचार्य से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उनके स्कूल पहुंचने से पहले ही स्कूल स्टाफ द्वारा विद्यार्थियों को पेपर वितरित किया जा चुका था। प्राचार्य के इस बयान के बाद यह सवाल और गंभीर हो गया है कि उनकी अनुपस्थिति में प्रश्नपत्र किसके निर्देश पर और किस प्रक्रिया के तहत विद्यार्थियों को बांटा गया।
वहीं, मामले को लेकर जब भाटापारा ब्लॉक शिक्षा अधिकारी से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि मामले की जानकारी जिला अधिकारियों को दी जा रही है। जिला अधिकारियों के आदेश के अनुसार अन्य स्कूलों में प्रश्नपत्रों को रोका जा सकता है या नहीं, इस संबंध में निर्णय लिया जाएगा और आदेश के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब परीक्षा का समय दोपहर 12 बजे निर्धारित था, तो सुबह 8 बजे ही पेपर विद्यार्थियों तक कैसे पहुंचा? यदि प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, तो उसकी पहुंच कितने स्कूलों और विद्यार्थियों तक हुई, इसकी भी जांच जरूरी है। शिक्षा विभाग द्वारा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय की जाती है या मामला महज खानापूर्ति तक सीमित रहता है, यह देखना होगा।



