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छत्तीसगढ़

आज सजेगा कवियों का महाकुंभ, ‘मिट्टी के बेटे’ में गूंजेगी राष्ट्रभक्ति की स्वरधारा

देश और छत्तीसगढ़ के ख्यातिप्राप्त कवि देंगे ओज, वीर रस और राष्ट्रचेतना से ओतप्रोत प्रस्तुतियां

रायपुर, 11 जुलाई। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के उपलक्ष्य में राजधानी रायपुर में आज शनिवार, 11 जुलाई को भव्य राष्ट्रकाव्य महोत्सव “मिट्टी के बेटे” का आयोजन किया जाएगा। दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में रात्रि 8:30 बजे से शुरू होने वाले इस कवि सम्मेलन को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री अरुण साव के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में देश और प्रदेश के नामचीन कवि अपनी ओजस्वी रचनाओं के माध्यम से राष्ट्रभक्ति, संस्कृति और मातृभूमि के गौरव का संदेश देंगे।

आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम में देश के प्रसिद्ध कवि शशिकांत यादव, राम भदावर और अमित शर्मा अपनी वीर रस की कविताओं से श्रोताओं को राष्ट्रभाव से ओतप्रोत करेंगे। वहीं छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित कवि देवेन्द्र परिहार, मयंक शर्मा, संस्कार साहू, हीरामणि वैष्णव, नरेंद्र गुप्ता और ईशान शर्मा भी अपनी सशक्त प्रस्तुतियां देंगे।

आयोजन में छत्तीसगढ़ शासन के मंत्रीगण, जनप्रतिनिधि, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एवं भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी, साहित्यकार, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में साहित्य एवं राष्ट्रभक्ति से जुड़े नागरिकों की उपस्थिति रहेगी।

क्रेडाई एवं अष्ट विनायक रियलिटी के प्रयोजन में होगा काव्य महोत्सव

कवि सम्मेलन के कार्यक्रम के आयोजक क्रेडाई एवं सह-प्रायोजक अष्ट विनायक रियलिटी हैं , जिनके सहयोग से मिट्टी के बेटे का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन की तैयारियों में छत्तीसगढ़ राष्ट्रवादी संघ के कार्यकर्ता भी सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने छत्तीसगढ़ के कवियों को केंद्रित कर बड़े काव्य महोत्सव की योजना कई समय से कर रखी थी, श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की जयंती पर उसे मूर्त रूप देते हुए यह बड़ा आयोजन किया जा रहा है।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने प्रदेश के साहित्यप्रेमियों, युवाओं और सभी नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि 11 जुलाई को रात्रि 8:30 बजे दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम पहुंचकर इस ऐतिहासिक राष्ट्रकाव्य महोत्सव का हिस्सा बनें।

कवि सम्मेलन “मिट्टी के बेटे” के संयोजक वीरेंद्र दुबे ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्रसेवा, अखंड भारत और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है। उनका मानना था कि राष्ट्र की आत्मा उसकी संस्कृति और समाज में बसती है। इसी भावना को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से यह काव्य महोत्सव आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देश के श्रेष्ठ कवि अपनी रचनाओं के माध्यम से राष्ट्रप्रेम का संदेश देंगे।

कार्यक्रम में प्रवेश, एंट्री पत्र के माध्यम से होगा। एंट्री पास के लिए आयोजकों ने संपर्क नंबर जारी किया है 9617313000, 7045361609 इस पर संपर्क कर निःशुल्क प्रवेश पत्र प्राप्त कर सकते हैं।

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Kailash Jaiswal

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