इजराइल-ईरान जंग का असर: पेट्रोल 8 रुपये महंगा, डीजल के दाम भी बढ़े

बिजनेस: महंगाई से जूझ रही आम जनता को एक बार फिर ईंधन के दामों ने झटका दिया है। सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर बढ़ोतरी कर दी है। पिछले 15 दिनों के भीतर यह दूसरी बार है जब ईंधन के रेट बढ़ाए गए हैं। नई कीमतें शुक्रवार सुबह से लागू कर दी गई हैं, जिसके बाद देशभर में पेट्रोल-डीजल खरीदना और महंगा हो गया है।
सरकार की ओर से जारी नए संशोधित दरों के अनुसार पेट्रोल की कीमत में 8 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है, जबकि हाई-स्पीड डीजल 5.16 रुपये प्रति लीटर महंगा कर दिया गया है। इस बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल की कीमत 258.17 रुपये से बढ़कर 266.17 रुपये प्रति लीटर हो गई है। वहीं डीजल की कीमत अब 280.86 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है।
ईंधन की कीमतों में इस बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर मध्यम और निम्न-मध्यम वर्ग के लोगों पर पड़ेगा। पेट्रोल का इस्तेमाल निजी वाहनों, दोपहिया, रिक्शा और छोटी कारों में अधिक होता है, इसलिए इसके दाम बढ़ने से रोजमर्रा के सफर का खर्च बढ़ना तय है। इससे परिवारों के मासिक बजट पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
उधर, डीजल के महंगा होने से परिवहन और कृषि क्षेत्र पर भी असर पड़ने की संभावना है। ट्रक, बस, ट्रेन और कृषि मशीनरी जैसे ट्रैक्टर व ट्यूबवेल बड़े पैमाने पर डीजल पर निर्भर होते हैं। ऐसे में डीजल की कीमत बढ़ने से माल ढुलाई की लागत बढ़ सकती है, जिसका असर बाजार में सामान की कीमतों पर भी दिखाई दे सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सब्जियों, फलों और अन्य जरूरी वस्तुओं के दामों में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।



