TMC में सब ठीक नहीं? ममता की बैठक में 9 विधायकों की गैरमौजूदगी से हलचल

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली बड़ी हार के बाद Mamata Banerjee की पार्टी तृणमूल कांग्रेस में अंदरूनी असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। चुनाव नतीजों के बाद पार्टी नेतृत्व ने संगठन में अनुशासन मजबूत करने और हार के कारणों की समीक्षा के लिए सक्रिय कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
कोलकाता स्थित आवास पर आयोजित अहम बैठक में ममता बनर्जी ने नव निर्वाचित विधायकों के साथ चर्चा की। हालांकि, कुछ विधायक बैठक में शामिल नहीं हुए, जिससे पार्टी के भीतर नाराजगी और गुटबाजी की चर्चाएं तेज हो गईं। बैठक के दौरान ममता ने साफ संकेत दिया कि पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक, ममता बनर्जी ने चुनाव के दौरान संगठन के भीतर से नुकसान पहुंचाने की आशंका जताई और पूरे मामले की जांच कराने का फैसला लिया। इसके लिए वरिष्ठ नेताओं की एक अनुशासन समिति बनाई गई है, जो पार्टी के अंदरूनी विवादों और शिकायतों की जांच करेगी। साथ ही विभिन्न जिलों में हालात का आकलन करने के लिए अलग-अलग टीमों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
चुनाव परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी जनादेश का सम्मान करती है, लेकिन चुनाव प्रक्रिया को लेकर कई गंभीर सवाल हैं। उन्होंने दावा किया कि मतदान और मतगणना के दौरान कई अनियमितताएं हुईं, जिनके खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी।
बैठक में पार्टी नेताओं को सार्वजनिक बयानबाजी से बचने की सलाह भी दी गई। हाल के दिनों में कुछ नेताओं के अलग-अलग बयानों से पार्टी की रणनीति पर सवाल उठे थे, जिसके बाद नेतृत्व ने एकजुटता बनाए रखने पर जोर दिया।
इस दौरान Abhishek Banerjee भी बैठक में मौजूद रहे। पार्टी विधायकों ने चुनाव अभियान में उनकी भूमिका की सराहना की। वहीं, कई विधायकों ने बैठक में शामिल न हो पाने के पीछे अपने क्षेत्रों में चुनाव बाद की स्थिति और हिंसा नियंत्रण को वजह बताया।
ममता बनर्जी ने विपक्षी दलों पर राज्य में राजनीतिक तनाव बढ़ाने और पार्टी कार्यालयों को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से शांतिपूर्ण तरीके से सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने और संगठन को मजबूत बनाए रखने की अपील की।



