
भाटापारा। रेलवे गुड्स शेड में वर्षों से मूलभूत सुविधाओं की मांग कर रहे हमाल मजदूरों का सब्र आखिरकार टूट गया। करीब 350 मजदूरों ने विभिन्न समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर काम बंद कर धरना शुरू कर दिया। इनमें करीब 23-24 महिला श्रमिक भी शामिल हैं। हालांकि रेलवे अधिकारियों के आश्वासन के बाद मजदूरों ने फिलहाल काम शुरू कर दिया है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि इस बार भी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले महीनों में अनिश्चितकालीन काम बंद किया जाएगा।
भाटापारा रेलवे गुड्स शेड में चावल, सीमेंट, फर्टिलाइजर सहित विभिन्न सामग्रियों की लोडिंग-अनलोडिंग का कार्य होता है। मजदूरों को तेज धूप और बारिश के बीच काम करना पड़ता है। हमाल संघ का आरोप है कि लंबे समय से पर्याप्त बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।
संघ की प्रमुख मांगों में धूप और बारिश से बचने के लिए शेड निर्माण, पर्याप्त पेयजल नल, महिलाओं के लिए अलग शौचालय, साइकिल-मोटरसाइकिल स्टैंड, अतिरिक्त बोर और पानी की टंकी शामिल हैं। मजदूरों का कहना है कि इन मांगों को लेकर पिछले करीब 20 वर्षों से अधिकारियों से गुहार लगाई जा रही है, लेकिन हर बार आश्वासन देकर मामला शांत करा दिया जाता है।
धरने की सूचना मिलने पर रेलवे अधिकारी मजदूरों के बीच पहुंचे और बातचीत के बाद काम शुरू कराया। रेलवे स्टेशन प्रबंधक अजय कुमार ने मजदूरों की मांगों को जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया। उन्होंने पानी की व्यवस्था उपलब्ध होने की बात कही, जबकि साइकिल और मोटरसाइकिल फिलहाल मौजूदा स्थान पर रखने की बात कही। शेड निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजे जाने की जानकारी भी दी गई। वहीं रेलवे सीजीएस नंदलाल ने मजदूरों के लिए लेबर रूम की व्यवस्था होने की बात कही।
हमाल संघ के संरक्षक राधेश्याम शर्मा ने कहा कि मजदूर करीब 20 वर्षों से सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। पूर्व में भी धरना और काम बंद किया गया था, लेकिन आश्वासन के बाद काम शुरू कर दिया गया। उन्होंने कहा कि यदि कुछ महीनों के भीतर मांगें पूरी नहीं हुईं तो संघ अनिश्चितकालीन काम बंद करने का निर्णय लेगा।
मजदूरों का सवाल है कि जब गुड्स शेड में रोजाना सैकड़ों श्रमिक मेहनत कर रेलवे के काम को आगे बढ़ा रहे हैं, तो उनके लिए छांव, पानी, शौचालय और पार्किंग जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में आखिर इतना समय क्यों लग रहा है। इस बार काम बंद कर मजदूरों ने स्पष्ट संकेत दिया है कि अब केवल आश्वासन से बात नहीं बनेगी।



