सोना-चांदी में अचानक ‘रॉकेट’ तेजी, कुछ ही घंटों में आसमान पर पहुंचे दाम

नई दिल्ली। सोने और चांदी की कीमतों में गुरुवार को जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर बढ़ाने के फैसले के बाद शुरुआती कारोबार में कीमती धातुओं पर दबाव नजर आया, लेकिन बाद में कमजोर डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी के बीच सोने-चांदी की कीमतों में तेज रिकवरी हुई।
Reuters के मुताबिक, गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड करीब 2.4 फीसदी चढ़कर 4,364 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गया। वहीं चांदी की कीमत में करीब 3.9 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। घरेलू बाजार में भी सोना करीब 3,000 रुपये और चांदी करीब 6,200 रुपये तक महंगी हुई।
कुछ घंटों में हजारों रुपये का उछाल
घरेलू बाजार में कारोबार के दौरान सोने और चांदी की कीमतों में तेज हलचल रही। उपलब्ध बाजार आंकड़ों के अनुसार, एक समय सोना करीब 1.53 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी करीब 2.38 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर तक पहुंच गई।
हालांकि, अलग-अलग शहरों, बाजारों और सोने की शुद्धता के आधार पर खुदरा कीमतों में अंतर हो सकता है।
फेड ने ब्याज दर बढ़ाई, फिर क्यों चढ़ा सोना?
अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने 16 सितंबर को ब्याज दर में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी करते हुए इसे 3.75 से 4 फीसदी के दायरे में कर दिया। आमतौर पर ब्याज दर बढ़ने से सोने पर दबाव बन सकता है, क्योंकि निवेशकों के लिए ब्याज देने वाली परिसंपत्तियां आकर्षक हो जाती हैं।
लेकिन सोने की कीमत केवल ब्याज दरों से तय नहीं होती। डॉलर की स्थिति, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, महंगाई की उम्मीद, तेल की कीमत और वैश्विक आर्थिक जोखिम भी इसकी कीमत को प्रभावित करते हैं।
इस बार डॉलर में कमजोरी और अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड में नरमी से सोने को सहारा मिला। Reuters के अनुसार, तेल की कीमतों में गिरावट से महंगाई के दबाव को लेकर उम्मीदें भी बदलीं, जिसका असर कीमती धातुओं की मांग पर पड़ा।
निवेशकों की नजर अब आगे की नीति पर
फेड के फैसले के बाद बाजार में अब आगे की ब्याज दर नीति, डॉलर की चाल और बॉन्ड यील्ड पर नजर बनी हुई है। इन संकेतकों में बदलाव का असर आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।



