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छत्तीसगढ़

रोजगार, स्वावलंबी युक्त ग्राम पंचायत बनाना हमारा लक्ष्य, वीबीजीरामजी से विकास की बढ़ेगी रफ्तार: केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान

रायपुर, 31 जनवरी। केंद्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि रोजगार एवं आत्मनिर्भर ग्राम पंचायतों का निर्माण हमारी सरकार का प्रमुख लक्ष्य है। विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) के प्रभावी क्रियान्वयन से गांवों में विकास की रफ्तार और तेज होगी। इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा बजट में लगभग डेढ़ गुना अधिक स्वीकृति प्रदान की गई है।

चौहान ने छत्तीसगढ़ में तेजी से हो रहे प्रधानमंत्री आवास निर्माण की सराहना करते हुए इसे देश के अन्य राज्यों के लिए रोल मॉडल बताया। उन्होंने आवास निर्माण के साथ-साथ मोर गांव मोर पानी महाअभियान की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह अभियान जल संरक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

केंद्रीय मंत्री ने प्रदेश में लखपति दीदी योजना के माध्यम से अधिक से अधिक महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने के निर्देश दिए। साथ ही मजदूरी भुगतान किसी भी स्थिति में लंबित न रखने के स्पष्ट निर्देश अधिकारियों को दिए गए। उन्होंने बस्तर संभाग में लंबित परियोजनाओं को पूर्ण करने के लिए विशेष रणनीति बनाने पर जोर देते हुए कहा कि बस्तर लंबे समय तक विकास से वंचित रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अब बस्तर के समग्र विकास के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पीएमजनमन एवं आरसीपीएलडब्ल्यूईए योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने एनआरएलएम के अंतर्गत रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती कराने के निर्देश भी दिए।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मंत्रालय महानदी भवन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की गहन समीक्षा बैठक ली। बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं कृषि मंत्री रामविचार नेताम उपस्थित रहे।

बैठक में विभागीय अधिकारियों ने जानकारी दी कि राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 24.58 लाख आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 17.60 लाख आवास पूर्ण हो चुके हैं। पीएमजनमन योजना के तहत 33,246 आवास स्वीकृत किए गए, जिनमें से 18,373 आवास पूर्ण हो चुके हैं। वहीं आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए विशेष परियोजना अंतर्गत 3,416 आवास स्वीकृत किए गए हैं। सरकार गठन के बाद केवल दो वर्षों में 8.41 लाख आवास पूर्ण किए गए हैं, जो देश में सर्वाधिक है।

इसके अतिरिक्त प्रदेश में अब तक 8,000 से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। 5,000 से अधिक मिस्त्रियों को प्रशिक्षण दिया गया है तथा डेढ़ लाख से अधिक आवासों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए गए हैं। बैठक में क्यूआर कोड आधारित नवाचार, दीदी के गोठ एवं छत्तीस कला जैसी योजनाओं की भी जानकारी दी गई।

बैठक में मुख्य सचिव विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग निहारिका बारिक सिंह, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह सहित दिल्ली से आए विभागीय अधिकारीगण उपस्थित थे।

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Kailash Jaiswal

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