दुर्ग जनपद पंचायत CEO रूपेश कुमार पांडेय निलंबित, संभागायुक्त ने जारी किया आदेश

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जनपद पंचायत में पदस्थ मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) रूपेश कुमार पांडेय को कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही और आम जनता के साथ कथित अशिष्ट व्यवहार के मामले में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह आदेश कार्यालय आयुक्त, दुर्ग संभाग द्वारा 1 जून 2026 को जारी किया गया।
कलेक्टर की रिपोर्ट और वीडियो बना आधार
आदेश के अनुसार, कलेक्टर दुर्ग द्वारा प्रेषित पत्र और ग्राम थनौर में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर के दौरान वायरल हुए वीडियो क्लिप के आधार पर कार्रवाई की गई। वीडियो के अवलोकन में प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि सीईओ द्वारा आम जनता के साथ अनुचित एवं अशिष्ट व्यवहार किया गया।
कारण बताओ नोटिस के बाद कार्रवाई
मामले में पहले रूपेश कुमार पांडेय को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। उनके द्वारा प्रस्तुत जवाब को असंतोषजनक पाया गया। इसके बाद छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 और नियम 3-क के उल्लंघन को गंभीर मानते हुए निलंबन की कार्रवाई की गई।
तत्काल प्रभाव से निलंबन लागू
छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत नियम 9(1)(क) के अंतर्गत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।
अतिरिक्त प्रभार की व्यवस्था
कलेक्टर दुर्ग के प्रस्ताव के अनुसार, महेन्द्र कुमार जांगड़े, प्रभारी सहायक परियोजना अधिकारी, जिला पंचायत दुर्ग को मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत दुर्ग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
प्रशासनिक सख्ती का संकेत
इस कार्रवाई को प्रशासन द्वारा सुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में सख्त कदम माना जा रहा है। अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि जनसेवा में लापरवाही और दुर्व्यवहार को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।



