सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी: पापा राव के साथ 18 नक्सलियों का सरेंडर

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में नक्सल विरोधी अभियान के बीच बुधवार को सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली। कुख्यात नक्सली कमांडर पापा राव ने अपने 18 साथियों के साथ हथियार छोड़कर आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण करने वालों में 7 महिलाएं और 11 पुरुष शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सरेंडर के समय नक्सलियों ने AK-47 समेत 12 आधुनिक हथियार, बड़ी संख्या में कारतूस और नकदी भी सुरक्षा बलों के हवाले की। इसे बस्तर को नक्सलमुक्त बनाने की दिशा में अहम उपलब्धि माना जा रहा है।
संविधान की प्रति देकर किया स्वागत
आत्मसमर्पण के बाद पुलिस महानिदेशक (DGP) अरुण गौतम ने सभी नक्सलियों का स्वागत किया और उन्हें भारतीय संविधान की प्रतियां भेंट कीं। अधिकारियों का कहना है कि यह पहल उन्हें लोकतांत्रिक व्यवस्था पर भरोसा दिलाने और मुख्यधारा में शामिल होने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से की गई।
सरेंडर से पहले जारी किया वीडियो संदेश
आत्मसमर्पण से पहले पापा राव ने एक वीडियो जारी किया था, जिसमें उन्होंने संगठन के भीतर बदलते हालात का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले शीर्ष नेतृत्व ने संघर्ष जारी रखने की बात कही थी, लेकिन अब कई साथी हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौट रहे हैं, जिससे संगठन की स्थिति भी कमजोर पड़ती जा रही है।
सुरक्षा बलों के दबाव से बदली स्थिति
पापा राव ने माना कि जिन इलाकों में वे सक्रिय थे, वहां सुरक्षा बलों की बढ़ती मौजूदगी और नए कैंपों की स्थापना से नक्सली गतिविधियां काफी प्रभावित हुई हैं। लगातार दबाव और बदलते हालात को देखते हुए उन्होंने और उनके साथियों ने हथियार छोड़ने का फैसला लिया।
लोकतांत्रिक रास्ते से काम करने की इच्छा
उन्होंने यह भी साफ किया कि फिलहाल उनकी चुनावी राजनीति में आने की कोई योजना नहीं है। हालांकि अब वे लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत समाज और लोगों के हित में काम करना चाहते हैं। उनके मुताबिक, संविधान और लोकतंत्र के रास्ते से ही समाज की सेवा संभव है।
नक्सलवाद के कमजोर पड़ने के संकेत
सुरक्षा मामलों के जानकारों का मानना है कि यह आत्मसमर्पण बस्तर में सक्रिय नक्सली नेटवर्क के कमजोर पड़ने का संकेत है। लगातार चल रहे सुरक्षा अभियानों और विकास कार्यों के कारण नक्सल संगठनों की पकड़ ढीली पड़ती जा रही है। पापा राव और उनके साथियों का सरेंडर इसी बदलते माहौल की एक बड़ी मिसाल माना जा रहा है।



