तेल पाइपलाइन विवाद पर अमेरिका-ईरान तनाव चरम पर, ट्रंप ने दी वार्निंग

वाशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर अगले तीन दिनों के भीतर किसी शांति समझौते पर सहमति नहीं बनी, तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। ट्रंप के मुताबिक, ऐसी स्थिति में ईरान की तेल ढुलाई से जुड़ी पाइपलाइनों को निशाना बनाया जा सकता है, जिससे उसका ऊर्जा निर्यात पूरी तरह ठप हो जाएगा।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान के विदेश मंत्री हाल ही में रूस पहुंचकर राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात कर चुके हैं। इस कूटनीतिक कदम से वाशिंगटन की नाराजगी और बढ़ गई है। ट्रंप प्रशासन का आरोप है कि ईरान वार्ता को लेकर अलग-अलग देशों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है, जिससे बातचीत की प्रक्रिया जटिल हो रही है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान और अमेरिका के बीच चल रही अप्रत्यक्ष वार्ता का पहला दौर कोई ठोस नतीजा नहीं दे सका था। इसके बाद ईरान की ओर से एक प्रारंभिक प्रस्ताव भेजा गया, जिसे अमेरिकी पक्ष ने अस्वीकार कर दिया। हालांकि, बाद में एक संशोधित प्रस्ताव भेजे जाने की भी बात सामने आई है, जिसे अमेरिका ने अभी तक पूरी तरह स्वीकार नहीं किया है।
ट्रंप ने साफ किया है कि अब बातचीत के लिए कोई औपचारिक यात्रा नहीं होगी और यदि संवाद करना है तो वह केवल टेलीफोन के माध्यम से ही संभव होगा। उनका कहना है कि ईरान पहले ही प्रतिबंधों और समुद्री मार्गों पर दबाव के कारण अपने निर्यात में मुश्किलें झेल रहा है, और आगे किसी भी उकसावे पर उसे और बड़ी आर्थिक क्षति उठानी पड़ सकती है।
उधर, ईरानी पक्ष का कहना है कि वह युद्ध को टालने और स्थायी समाधान की दिशा में प्रयास कर रहा है। हालांकि, मौजूदा हालात में आगे की कूटनीतिक बातचीत रूस की मध्यस्थता या वहां की मौजूदगी में आगे बढ़ सकती है।



