RBI का बड़ा फैसला: ब्याज दरें स्थिर, महंगाई और GDP अनुमान भी यथावत

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में बड़ा फैसला लेते हुए रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर यथावत रखने का निर्णय लिया है। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को इसकी घोषणा करते हुए बताया कि फिलहाल ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इस फैसले से होम लोन, कार लोन और अन्य फ्लोटिंग रेट वाले कर्ज की ईएमआई में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी।
RBI ने रेपो रेट के साथ-साथ अन्य प्रमुख नीतिगत दरों को भी स्थिर रखा है। स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (SDF) रेट 5 प्रतिशत, जबकि मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF) रेट और बैंक रेट 5.5 प्रतिशत पर बरकरार रखे गए हैं।
महंगाई और GDP अनुमान भी स्थिर
केंद्रीय बैंक ने देश की महंगाई दर और आर्थिक वृद्धि (GDP Growth) के अनुमान में भी कोई बदलाव नहीं किया है। RBI का मानना है कि महंगाई फिलहाल नियंत्रण में है और आर्थिक गतिविधियां संतुलित गति से आगे बढ़ रही हैं।
अप्रैल 2026 में खुदरा महंगाई दर 3.48 प्रतिशत दर्ज की गई, जो RBI के 4 प्रतिशत के मध्यम अवधि लक्ष्य से नीचे रही। इसी आधार पर केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरों को स्थिर रखने का फैसला किया है।
पिछले साल मिली थी बड़ी राहत
पिछले वित्त वर्ष में RBI ने रेपो रेट में कुल 125 बेसिस पॉइंट (1.25 प्रतिशत) की कटौती की थी। फरवरी 2025 से दिसंबर 2025 के बीच चार बार दरें घटाई गईं, जिससे रेपो रेट 6.50 प्रतिशत से घटकर 5.25 प्रतिशत पर आ गया।
ग्राहकों और बाजार को राहत
• होम और कार लोन की EMI में कोई बदलाव नहीं होगा।
• बैंकों की कर्ज दरें फिलहाल स्थिर रहने की संभावना है।
• निवेशकों और उद्योग जगत को ब्याज दर स्थिरता का लाभ मिलेगा।
• भविष्य में महंगाई नियंत्रित रहने पर दरों में कटौती की संभावना बनी रह सकती है।
• करोड़ों कर्जधारकों को EMI में बढ़ोतरी से राहत मिली है।



