कर्मयोगी कर्तव्य कार्यक्रम के अंतर्गत फ्रंटलाइन वर्कर्स का एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित
कार्यकुशलता, व्यावसायिक दक्षता और जनसेवा की भावना को सुदृढ़ करने पर दिया गया जोर

रायपुर। योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी तथा 20 सूत्रीय कार्यान्वयन विभाग के अंतर्गत कार्यरत फ्रंटलाइन वर्कर्स की कार्यक्षमता और व्यावसायिक दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से कर्मयोगी कर्तव्य कार्यक्रम के तहत एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम आर्थिक एवं सांख्यिकी संचालनालय के सभा कक्ष में संपन्न हुआ।
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य फ्रंटलाइन वर्कर्स को विभागीय कार्यों और जिम्मेदारियों की बेहतर समझ देने के साथ योजनाओं एवं शासकीय कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जरूरी जानकारी और कौशल उपलब्ध कराना रहा। इसके माध्यम से कर्मचारियों की कार्यकुशलता बढ़ाने और उन्हें अधिक परिणामोन्मुख तरीके से कार्य करने के लिए तैयार किया गया।
दायित्वों को प्रभावी ढंग से निभाने का प्रशिक्षण
प्रशिक्षण सत्र में विशेषज्ञों ने विभागीय दायित्वों, कार्यप्रणाली और क्षेत्रीय स्तर पर कार्यों के प्रभावी निष्पादन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी। प्रतिभागियों को अपने दायित्वों का निर्वहन अधिक व्यवस्थित, प्रभावी और परिणाम आधारित तरीके से करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
अनुभव साझा कर चुनौतियों पर हुई चर्चा
कार्यक्रम के दौरान फ्रंटलाइन वर्कर्स ने सक्रिय रूप से सहभागिता की और अपने क्षेत्रीय अनुभव साझा किए। इस दौरान कार्यक्षेत्र में आने वाली विभिन्न व्यावहारिक चुनौतियों तथा उनके संभावित समाधानों पर भी चर्चा हुई।
प्रशिक्षण में कर्मचारियों के भीतर कर्तव्य के प्रति समर्पण, कार्य में दक्षता और जनसेवा की भावना को मजबूत करने पर विशेष बल दिया गया। विशेषज्ञों ने कहा कि क्षेत्रीय स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन में फ्रंटलाइन वर्कर्स की भूमिका महत्वपूर्ण है, इसलिए उनकी क्षमता और कार्यकुशलता को लगातार विकसित करना आवश्यक है।
विभाग के अनुसार यह प्रशिक्षण कार्यक्रम विभागीय कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इससे शासन की योजनाओं एवं कार्यक्रमों का लाभ आम नागरिकों तक बेहतर तरीके से पहुंचाने में मदद मिलेगी।



