बारिश बनी आफत: रायपुर-भिलाई में जलभराव, उत्तर छत्तीसगढ़ में भारी वर्षा और वज्रपात की चेतावनी

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने प्रदेश में अगले पांच दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है। विशेष रूप से उत्तर छत्तीसगढ़ के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। बुधवार को भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका व्यक्त की गई है।
मंगलवार को राजधानी रायपुर और भिलाई में हुई तेज बारिश से कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। रायपुर के विधानसभा क्षेत्र स्थित गैलेक्सी ग्रीन सोसायटी की सड़कें पानी में डूब गईं, जिससे लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा।
इधर, सरगुजा जिले के जजगा गांव में खेत में धान की रोपाई कर रही 37 वर्षीय कमला भगत की आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई। वहीं धमतरी जिले में 27 जुलाई को महानदी में बहे मछुआरे गुलाल सोरी (36) का शव आठ दिन बाद बरामद किया गया।
प्रदेश में सामान्य से 5% कम बारिश
मौसम विभाग के अनुसार 1 जून से अब तक छत्तीसगढ़ में सामान्य से लगभग 5 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है, हालांकि इसे अब भी सामान्य श्रेणी में माना जा रहा है। पिछले 24 घंटों के दौरान भी अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश रिकॉर्ड की गई।
तापमान में भी बदलाव
मंगलवार को राजनांदगांव प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 21.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। मौसम विभाग ने रायपुर में बुधवार को दिनभर बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ बारिश होने तथा अधिकतम 33 और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस तापमान रहने का अनुमान जताया है।
इन जिलों में सामान्य से अधिक और कम बारिश
बारिश के आंकड़ों के अनुसार नारायणपुर, सारंगढ़-बिलाईगढ़, जांजगीर-चांपा, महासमुंद, गरियाबंद, बालोद, रायपुर और बलौदाबाजार जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। वहीं सरगुजा, जशपुर, बेमेतरा, कांकेर, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर और सूरजपुर में सामान्य से काफी कम बारिश हुई है।
किसानों के लिए अहम रहेगा अगस्त
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगस्त का महीना खरीफ फसलों, विशेषकर धान की खेती के लिए सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। यदि इस महीने अच्छी बारिश होती है तो किसानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने भी संकेत दिए हैं कि मध्य भारत के कई हिस्सों में अगस्त के दौरान सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है। हालांकि एल नीनो के संभावित प्रभाव पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।


