मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वर्ष 2027 में रायपुर में प्रस्तावित ‘लखपति दीदी सम्मेलन’ में शामिल होने का दिया आमंत्रण

नई दिल्ली/रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ के समग्र विकास, बस्तर के कायाकल्प, औद्योगिक निवेश, महिला सशक्तिकरण, तकनीक आधारित सुशासन और आधारभूत संरचना से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत’ के संकल्प के अनुरूप ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के निर्माण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
बस्तर में कनेक्टिविटी पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के स्थायी विकास के लिए सड़क, रेल, बिजली और हवाई संपर्क सबसे महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री को बताया कि करीब 3,513 करोड़ रुपये की लागत से जगदलपुर-रावघाट रेललाइन परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है, जिससे बस्तर के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति मिलेगी। इसके अलावा जगदलपुर से नियमित हवाई सेवाओं के विस्तार की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस-वे के अंतिम चरण की प्रगति और इंद्रावती नदी पर प्रस्तावित बैराज परियोजना की भी जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस परियोजना से करीब 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे किसानों और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिलेगा।

बस्तर दशहरा को वैश्विक पहचान दिलाने की तैयारी
मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री को बस्तर की जनजातीय संस्कृति और पर्यटन संभावनाओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि बस्तर दशहरा को वैश्विक पर्यटन ब्रांड के रूप में स्थापित करने की दिशा में योजनाबद्ध प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं चित्रकोट और तीरथगढ़ जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर अधोसंरचना और सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, ताकि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पर्यटन को बढ़ावा मिल सके।
बस्तर ओलंपिक से युवाओं में नई ऊर्जा
मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर ओलंपिक में 4 लाख से अधिक युवाओं की भागीदारी ने क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव का संदेश दिया है। खेलों के माध्यम से युवाओं को प्रतिभा दिखाने का मंच मिला है और शांति, विश्वास व सामाजिक सहभागिता को भी मजबूती मिली है। उन्होंने कहा कि आज बस्तर की नई पहचान खेल, शिक्षा, संस्कृति, पर्यटन, उद्यमिता और विकास से बन रही है।
छत्तीसगढ़ को मिले 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव
मुख्यमंत्री ने बताया कि औद्योगिक विकास नीति 2024-30 लागू होने के बाद राज्य को करीब 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें एआई डेटा सेंटर पार्क, सेमीकंडक्टर, हाइपरस्केल डेटा सेंटर, ग्लोबल बीपीओ, गारमेंट, चॉकलेट मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और इंट्राऑक्यूलर लेंस निर्माण जैसे नए क्षेत्रों में निवेश आ रहा है। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश में रोजगार और कौशल विकास के नए अवसर पैदा होंगे।
निवेश के लिए देश में नंबर-1 बना छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री ने बताया कि नीति आयोग के इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स में नियामकीय सुगमता और संस्थागत वातावरण के मामले में छत्तीसगढ़ को देश में पहला स्थान मिला है। साथ ही ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट-2026 के जरिए उद्योगों को सेल्फ सर्टिफिकेशन, जोखिम आधारित नियामकीय व्यवस्था और समयबद्ध अनुमतियों की सुविधा दी गई है।
महिला सशक्तिकरण में बड़ी उपलब्धि
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि प्रदेश में 10.42 लाख महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। अब अगले चरण में 14 लाख और महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने वर्ष 2027 में रायपुर में प्रस्तावित ‘लखपति दीदी सम्मेलन’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आमंत्रण भी दिया।
500 करोड़ रुपये का एआई मिशन
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार 500 करोड़ रुपये के राज्य एआई मिशन के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और प्रशासन सहित विभिन्न क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सेवाओं का विस्तार कर रही है। इसका उद्देश्य तकनीक आधारित, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित सुशासन को मजबूत करना है।
वित्तीय अनुशासन और राजस्व में बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य ने वित्तीय अनुशासन और जनकल्याण के बीच संतुलन बनाते हुए जीएसटी राजस्व में 18 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। वहीं खनिज राजस्व में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने बताया कि देश के पहले टिन ब्लॉक और लिथियम ब्लॉक की नीलामी कर छत्तीसगढ़ ने नई उपलब्धि हासिल की है।
डिजिटल सुशासन को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने बताया कि सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से 36 विभागों की 528 सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई हैं। वहीं मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के जरिए शिकायतों के त्वरित समाधान की व्यवस्था की गई है। रजिस्ट्री के साथ स्वतः नामांतरण, आधार और वीडियो-केवाईसी के माध्यम से घर बैठे रजिस्ट्री जैसी सुविधाओं से नागरिकों को बड़ी राहत मिली है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विश्वास जताया कि बस्तर के समग्र विकास, कृषि, स्वास्थ्य, ऊर्जा और औद्योगिक परियोजनाओं से जुड़े राज्य के महत्वपूर्ण प्रस्तावों को केंद्र सरकार का सकारात्मक सहयोग मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य विकास की रोशनी राज्य के अंतिम गांव और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है, ताकि छत्तीसगढ़ शांति, समृद्धि और नई संभावनाओं का राष्ट्रीय मॉडल बन सके।



