ट्राई सीरीज फाइनल में वैभव का तूफान, 20 साल पुराना वर्ल्ड रिकॉर्ड टूटा

दांबुला। पिछले कुछ दिनों से आलोचनाओं और विवादों के बीच रहे भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने ट्राई सीरीज के फाइनल में अपने बल्ले से ऐसा तूफान मचाया कि क्रिकेट जगत हैरान रह गया। इंडिया ए के 15 वर्षीय बल्लेबाज ने श्रीलंका ए के खिलाफ खेलते हुए लिस्ट-ए क्रिकेट के इतिहास का सबसे तेज अर्धशतक लगाकर नया विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
दांबुला के रंगीरी दांबुला इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में श्रीलंका ए ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। हालांकि, वैभव ने शुरुआत से ही आक्रामक तेवर दिखाते हुए पहली ही गेंद पर चौका जड़ दिया और फिर श्रीलंकाई गेंदबाजों की जमकर धुनाई की।
वैभव ने महज 11 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर लिस्ट-ए क्रिकेट का नया विश्व रिकॉर्ड कायम कर दिया। उन्होंने अपनी पारी का पांचवां छक्का लगाकर 50 रन पूरे किए और करीब 20 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ दिया। इससे पहले सबसे तेज अर्धशतक का रिकॉर्ड श्रीलंका के कौशल्या वीररत्ने के नाम था, जिन्होंने 2005-06 में 12 गेंदों में फिफ्टी लगाई थी।
यह उपलब्धि इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि टूर्नामेंट के शुरुआती मुकाबलों में वैभव का प्रदर्शन उम्मीद के अनुरूप नहीं रहा था। इसके अलावा हाल ही में श्रीलंका ए के एक खिलाड़ी के साथ उनकी नोकझोंक भी चर्चा का विषय बनी थी। ऐसे में फाइनल मुकाबले में सभी की नजरें उन पर थीं और उन्होंने अपने प्रदर्शन से आलोचकों को करारा जवाब दिया।
शतक से चूके, लेकिन छा गए
वैभव सूर्यवंशी शतक की ओर तेजी से बढ़ रहे थे, लेकिन वह अपने शतक से केवल छह रन दूर रह गए। उन्होंने सिर्फ 29 गेंदों में 94 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 10 चौके और 8 छक्के शामिल रहे। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी की बदौलत इंडिया ए को शानदार शुरुआत मिली और मुकाबले का रुख पूरी तरह बदल गया।
लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक
- 11 गेंद – वैभव सूर्यवंशी (इंडिया ए बनाम श्रीलंका ए, दांबुला, 2026)
- 12 गेंद – कौशल्या वीररत्ने (रागामा क्रिकेट क्लब, 2005-06)
- 13 गेंद – थिसारा परेरा (2020-21)
- 14 गेंद – रोरी क्लेनवेल्ट (2010-11)
वैभव की यह पारी लंबे समय तक याद रखी जाएगी, क्योंकि उन्होंने न केवल रिकॉर्ड तोड़ा बल्कि बड़े मुकाबले में दबाव के बीच अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन भी किया।



