ट्रंप का दावा—ईरान बातचीत में कर रहा है देरी, नहीं है गंभीर

वाशिंगटन। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रही बातचीत और परमाणु कार्यक्रम को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की कोई चिंता नहीं है कि ईरान बातचीत रोक सकता है, क्योंकि यह प्रक्रिया पहले ही बहुत लंबी खिंच चुकी है।
ट्रंप ने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने सीएनबीसी के वरिष्ठ वाशिंगटन संवाददाता ईमोन जेवर्स के साथ बातचीत में कहा कि अगर बातचीत खत्म हो जाती है तो भी उनकी रणनीति में कोई बदलाव नहीं आएगा।
बातचीत को बताया ‘उबाऊ’
ट्रंप ने ईरान पर बातचीत को जानबूझकर लंबा खींचने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें लगता है कि ईरान समय बर्बाद कर रहा था। उन्होंने कहा, “अगर बातचीत खत्म हुई तो मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता, यह पहले ही बहुत लंबी और उबाऊ हो चुकी थी।”
तेल बाजार में हलचल
ईरान के बातचीत से पीछे हटने की खबरों के बीच वैश्विक तेल बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखा गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, तेल की कीमतों में 8 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई। हालांकि ट्रंप ने इस स्थिति को लेकर किसी भी तरह की चिंता से इनकार किया।
उन्होंने दावा किया कि वैश्विक बाजार में तेल की पर्याप्त आपूर्ति मौजूद है और जल्द ही कीमतों में गिरावट आएगी।
ईरान पर आर्थिक दबाव का दावा
ट्रंप ने कहा कि मौजूदा हालात में ईरान को रोजाना भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि प्रतिबंधों और दबाव के कारण ईरान को प्रतिदिन करोड़ों डॉलर का नुकसान झेलना पड़ रहा है।
कड़ी चेतावनी
पूर्व राष्ट्रपति ने ईरान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उसने परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश की तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने कहा, “अगर वे परमाणु हथियार बनाने की कोशिश करेंगे, तो उन्हें पूरी तरह तबाह कर दिया जाएगा।”
वैश्विक सुरक्षा पर टिप्पणी
ट्रंप ने यह भी कहा कि समुद्री मार्गों की सुरक्षा में यूरोपीय देशों को अधिक जिम्मेदारी निभानी चाहिए, क्योंकि उनकी ऊर्जा निर्भरता इस क्षेत्र पर अधिक है।
इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति और ऊर्जा बाजारों में एक बार फिर तनाव बढ़ने के संकेत देखे जा रहे हैं।



