मुख्यमंत्री पद की शपथ टली, तमिलनाडु में विजय की सरकार गठन पर संकट

नई दिल्ली। अभिनेता-राजनेता विजय और उनकी पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) के लिए तमिलनाडु में सरकार बनाने का सपना फिलहाल अधूरा रह गया है। राज्यपाल आर.वी. अर्लेकर ने बहुमत का पर्याप्त समर्थन नहीं होने के कारण विजय को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाने से इनकार कर दिया है। इससे राज्य की राजनीति में नया सियासी संकट खड़ा हो गया है।
विधानसभा चुनाव में टीवीके ने 108 सीटों पर जीत दर्ज की थी। विजय ने दावा किया था कि उन्हें 118 विधायकों का समर्थन प्राप्त है, लेकिन राज्यपाल कार्यालय के सूत्रों के अनुसार उनके पास केवल 116 विधायकों के लिखित समर्थन पत्र ही उपलब्ध थे। राज्यपाल ने स्पष्ट कर दिया कि 118 विधायकों का समर्थन पत्र प्रस्तुत किए बिना सरकार गठन का निमंत्रण नहीं दिया जाएगा।
शुक्रवार को विजय ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया, लेकिन कुछ ही घंटों बाद इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) और टीटीवी दिनाकरन की पार्टी एएमएमके ने टीवीके को समर्थन देने से इनकार कर दिया। एएमएमके ने राज्यपाल को पत्र लिखकर एआईएडीएमके को सरकार बनाने का अवसर देने की मांग की।
हालांकि वामपंथी दल सीपीआई और सीपीएम ने बाहर से समर्थन देने की घोषणा की है, लेकिन उन्होंने सरकार में शामिल होने से दूरी बना ली है। कांग्रेस के पांच विधायकों का समर्थन मिलने के बावजूद टीवीके बहुमत के जरूरी आंकड़े तक नहीं पहुंच सकी।
टीवीके विधायक मैरी विल्सन ने कहा कि विजय न सिर्फ पांच साल बल्कि लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहेंगे और पार्टी को पूरा भरोसा है कि जल्द सकारात्मक खबर सामने आएगी। सूत्रों के मुताबिक टीवीके अब अदालत का रुख कर सकती है।
राज्यपाल का रुख फिलहाल सख्त बना हुआ है। उन्होंने विजय से साफ कहा है कि 113 या 116 विधायकों के सहारे सरकार नहीं चलाई जा सकती और लिखित समर्थन पत्र के बिना कोई संवैधानिक कार्रवाई संभव नहीं है।
तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है और अब सभी की नजरें राज्यपाल के अगले कदम तथा संभावित कानूनी लड़ाई पर टिकी हैं।



