मुख्यमंत्री साय के निर्देश पर सरगुजा में जल संकट खत्म करने अभियान, आदिवासी बस्तियों को मिलेगा लाभ

रायपुर, 09 मई 2026। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में भीषण पेयजल संकट से राहत दिलाने के लिए प्रशासन ने बड़ी पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर पहाड़ी कोरवा समुदाय की बसाहटों और सुदूर वन क्षेत्रों में 113 नए हैंडपंप और बोरवेल स्थापित किए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों को उनके घर के पास शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना और दूरस्थ जल स्रोतों पर उनकी निर्भरता कम करना है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हाल ही में सरगुजा दौरे के दौरान पेयजल समस्या को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन को तत्काल प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए थे। उन्होंने स्पष्ट कहा था कि वनांचल में रहने वाले लोगों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित नहीं रहना चाहिए और सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद सरगुजा कलेक्टर एवं जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) अध्यक्ष अजीत वसंत ने प्रशासनिक अमले को सक्रिय कर दिया है। उन्होंने संबंधित विभागों और जनपद पंचायतों के सीईओ को निर्देश दिए हैं कि सभी 113 हैंडपंप और बोरवेल खनन का कार्य एक माह के भीतर पूरा किया जाए।
जिला खनिज संस्थान न्यास मद से स्वीकृत इन कार्यों का स्थलीय सर्वे पूरा हो चुका है। योजना के तहत लुण्ड्रा विकासखंड में 34, बतौली में 6, लखनपुर में 22, अंबिकापुर में 11, सीतापुर में 16, मैनपाट में 20 और उदयपुर में 4 नए हैंडपंप स्थापित किए जाएंगे।
24 अप्रैल को आयोजित जिला खनिज संस्थान न्यास की शासी परिषद की बैठक में पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल और लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज सहित अन्य सदस्यों ने इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर मंजूरी दी थी।
इस पहल से जिले के सैकड़ों गांवों के हजारों ग्रामीणों, विशेषकर पहाड़ी कोरवा परिवारों को पारंपरिक झरिया और दूरस्थ जल स्रोतों पर निर्भरता से राहत मिलेगी। साथ ही उन्हें अपने घरों के नजदीक स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सकेगा।



