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होर्मुज में मिसाइल अटैक से हड़कंप: दो कमर्शियल जहाजों पर हमले के बाद दुनिया की नजरें खाड़ी पर

मस्कट। खाड़ी क्षेत्र में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सोमवार रात रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे दो कमर्शियल जहाजों पर ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कम से कम दो मिसाइलें दागीं। अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से दावा किया गया है कि इस हमले में दोनों व्यापारिक जहाजों को गंभीर नुकसान पहुंचा, हालांकि किसी भी व्यक्ति के हताहत होने या घायल होने की सूचना नहीं है। इस घटना पर अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

इसी बीच, ब्रिटेन की समुद्री व्यापार एजेंसी UKMTO ने मंगलवार सुबह बताया कि ओमान के लीमा (Limah) तट से करीब 15 किलोमीटर दूर दक्षिण की ओर जा रहे एक तेल टैंकर के बाईं ओर अज्ञात गोला आकर गिरा, जिससे जहाज में आग लग गई। शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना में भी कोई जनहानि या पर्यावरणीय नुकसान नहीं हुआ है।

बताया जा रहा है कि ये हमले उस एक सप्ताह के अस्थायी समझौते की अवधि समाप्त होने के तुरंत बाद हुए हैं, जो अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में हमलों को रोकने के लिए किया गया था। यह अस्थायी विराम ईरान में पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान लागू रहा था। समझौते की अवधि समाप्त होते ही क्षेत्र में फिर से तनाव बढ़ गया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका अब इस हमले के बाद ईरानी ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई के विकल्पों पर विचार कर सकता है। इससे पहले दोहा में अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर अप्रत्यक्ष वार्ता हुई थी, लेकिन कोई ठोस सहमति नहीं बन सकी।

गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम लागू होने के बावजूद दोनों देशों के रिश्तों में तनाव बना हुआ है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में इस क्षेत्र में बढ़ता तनाव अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वैश्विक ऊर्जा बाजारों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका चाहता है कि अंतरराष्ट्रीय जहाजों को इस मार्ग से बिना किसी बाधा के गुजरने दिया जाए, जबकि ईरान ने चेतावनी दी है कि उसके द्वारा निर्धारित समुद्री कॉरिडोर से बाहर चलने वाले जहाजों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही ईरान इस जलमार्ग का उपयोग करने वाले जहाजों पर शुल्क लगाने की भी योजना बना रहा है, जिसका अमेरिका लगातार विरोध कर रहा है। ऐसे में युद्धविराम के बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव और वाणिज्यिक जहाजों पर खतरा फिलहाल बना हुआ है।

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Kailash Jaiswal

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