छत्तीसगढ़

बलौदाबाजार- अपने पुराने ढर्रे पर यातायात विभाग शहर और आउटर में जाच के नाम पर अवैध वसूली का कारोबार…..

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बलौदाबाजार शहर की बिगड़ी यातायात व्यवस्था को सुधारने की बजाय यातायात पुलिस वसूली अभियान चलाती नजर आ रही है। यही कारण है कि लंबे समय से चल रहे वसूली के गोरखधंधे से आम आदमी परेशान हैं। शहर की यातायात व्यवस्था की गवाही देते हुए हर दिन जाम के चंगुल में फंसा नजर आता है। शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए कई बार कवायद भी शुरू की गई, लेकिन यातायात प्रभारी के वसूली अभियान के कारण व्यवस्था में कोई सुधार नहीं आया। उल्लेखनीय है कि प्रतिदिन यातायात प्रभारी अपनी टीम को शहर व अन्य जगह पाइंट लगाकर कार्रवाई के नाम पर वसूली अभियान चला रहे हैं। एक वाहन चालक ने नाम न बताने के सर्त पर कहा कि यातायात पुलिस गाडियों के दस्तावेजों व ओव्हरलोड सहित बिल भी दिखाने को कहती है, दिखाने के बाद कई घंटो तक गाडियों को खडी कराई जाती है, परेशान होकर जबरन का पैसा भी देना पडता है।

व्यवस्था सुधार का जिम्मा निभाने वाला यातायात विभाग स्वयं यातायात के नियमों का पालन नहीं कर रहा और लोगों से यातायात के नियम के नाम पर जुर्माना कम अवैध वसूली ज्यादा कर रहा है। जिला मुख्यालय के शहर के अंदर यातायात व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ चुकी है, सडक़ों पर अतिक्रमण देखते ही बनता है, बस स्टैंड पूरी तरह से अव्यवस्थित हो चुका, अम्बेडकर चौक, बाई पास चौक एवं अन्य प्रमुख स्थानों पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ी हुई है।जिले के सबसे बडे शहर भगवान भरोसे है लेकिन यातायात पुलिस को फुर्सत नहीं शहर की व्यवस्था सुधारने की और जुर्माने के नाम पर ग्रमीणों से वसूली जारी हैं

जांबाज एस एस पी की भी नहीं चिंता
शुरुआती दौर में पुलिस अधीक्षक ने कमान संभाली तो सब की हालात सुधर गये थे, लेकिन अब यातायात विभाग अपने पुराने ढर्रे में पहुंच गया है। ओवरलोड ट्रक, कैप्सूल, ऑटो रिक्शा, टैक्सी, बस डंके की चोट पर चल रही है, लेकिन इन पर कार्यवाही की हिम्मत नही जुटा पा रहे है। जिससे इन पर कार्यवाही कभी कभार मात्र दिखावे के लिए की जाती है बाकी राजकाज डंके की चोट पर चल रहा है। आम जनता, आम नागरिक यातायात व्यवस्था को लेकर परेशान है। स्वयं यातायात विभाग यातायात के नियमों का पालन नहीं करता हेलमेट नहीं लगाता, सीट बेल्ट नहीं लगाता और लोगों से उम्मीद करता है कि आप नियमों का पालन करें।यातायात नियमों के नाम पर यातायात पुलिस राहगीरों के साथ बुरा व्यवहार कर भारी जुर्माना और अवैध वसूली में लगी हुई है।

शहर का यातायात प्रभावित
केवल राहगीरों को यातायात नियमों के उल्लंघन के नाम पर परेशान किया जा रहा है। जब से यातायात की कमान सूबेदार को सौंपी गई है, शुरुआती दौर में इनकी व्यवस्था अच्छी थी, लेकिन धीरे-धीरे इन्होंने व्यवस्था के नाम पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे दिया, जिससे इनके कर्मचारी दिन रात अवैध वसूली में लगे रहते हैं और उनकी जेब गर्म करते रहते हैं। अधिकारी यह चुप्पी साधे अपनी ऑफिस देखते रहते हैं। पूरे जिले के अंदर अवैध वसूली का खेल खेला जा रहा है लेकिन किसी को इनके अवैध खेल से कोई लेना-देना नहीं।
नियम विरुद्ध वाहन चल रहे वाहन नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं लेकिन ट्रैफिक पुलिस कोई से कोई लेना-देना नहीं।शहर के चौक चौराहे,फुटपाथ पर अतिक्रमण फैला हुआ है यातायात पूरी तरह से बाधित हो रहा है लेकिन अवैध वसूली के आगे यातायात विभाग कान में जूं तक नहीं रेंगती है।