भाटापारा में थाना बना बच्चों का मंच, कविता सुनाकर मासूमों ने जीता दिल

तुलसी राम जायसवाल की रिपोर्ट :-
भाटापारा:- थाना और पुलिस शब्द सुनते ही आमतौर पर लोगों के मन में गंभीरता और एक प्रकार की झिझक का भाव उत्पन्न होता है, लेकिन भाटापारा के पटपर क्षेत्र में एक अलग ही नजारा देखने को मिला। यहां सरकारी स्कूल की पहली, दूसरी और तीसरी कक्षा की मासूम बच्चियां स्कूल की छुट्टी के बाद बिना किसी डर या संकोच के सीधे भाटापारा ग्रामीण थाना प्रभारी लाखेश केवट के कक्ष में पहुंच जाती हैं।
बच्चियां बड़े उत्साह के साथ थाना प्रभारी को “जय हिन्द” कहकर अपनी कविताएं सुनाती हैं। वहीं थाना प्रभारी लाखेश केवट भी बेहद सादगी और अपनापन दिखाते हुए न केवल उनकी कविताएं ध्यान से सुनते हैं बल्कि उन्हें “जय हिन्द” कहकर प्रोत्साहित भी करते हैं।
थाने में उपस्थित फरियादी जब इस दृश्य को देखते हैं तो आश्चर्यचकित रह जाते हैं। जिनके सामने समाज के बड़े-बड़े असामाजिक तत्व और दबंग लोग बोलने से कतराते हैं, उनके कक्ष में मासूम बच्चियां निडर होकर प्रवेश करती हैं और सहजता से अपनी कविता सुना जाती हैं।
थाना प्रभारी लाखेश केवट का यह व्यवहार न केवल बच्चों के मन से पुलिस के प्रति डर को खत्म करता है, बल्कि पुलिस की संवेदनशील और सकारात्मक छवि को भी लोगों के बीच मजबूत करता है। बच्चों से अपनापन और स्नेह का यह संबंध पुलिस की जनता के बीच एक नई और प्रेरणादायी पहचान को उजागर करता है।
👉 यह नजारा यह संदेश देता है कि पुलिस सिर्फ कानून व्यवस्था संभालने वाली सख्त इकाई ही नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग से जुड़ाव रखने वाली एक संवेदनशील और मित्रवत संस्था भी है।