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ह्यूस्टन। फीफा वर्ल्ड कप 2026 में पुर्तगाल की शुरुआत उम्मीदों के अनुरूप नहीं रही। अपने पहले मुकाबले में पुर्तगाल को डीआर कांगो के खिलाफ 1-1 के ड्रॉ से संतोष करना पड़ा। हालांकि मैच के बाद टीम के कप्तान और स्टार फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने खिलाड़ियों का बचाव करते हुए कहा कि टीम के प्रदर्शन में कोई कमी नहीं थी और फुटबॉल में ऐसे नतीजे खेल का हिस्सा होते हैं।
मैच के बाद पुर्तगाल के ‘स्पोर्ट टीवी’ से बातचीत में रोनाल्डो ने कहा, “कुछ भी कमी नहीं थी। फुटबॉल ऐसा ही है, हम जीत भी सकते थे।” हालांकि वह इस मुकाबले में गोल करने में सफल नहीं रहे। रोनाल्डो के तीनों शॉट गोल पोस्ट से बाहर चले गए और पूरे मैच में उनका एक भी शॉट टारगेट पर नहीं पहुंचा।
यह रोनाल्डो के करियर का छठा फीफा वर्ल्ड कप है और विश्व कप इतिहास में दूसरी बार ऐसा हुआ जब उन्होंने पूरे 90 मिनट खेलने के बावजूद टारगेट पर एक भी शॉट नहीं लगाया। यह उनका 23वां विश्व कप मुकाबला भी था, जिसके साथ वह टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले खिलाड़ियों की सूची में चौथे स्थान पर पहुंच गए हैं।
मुकाबले में पुर्तगाल ने शुरुआत से दबदबा बनाए रखा और 75 प्रतिशत से अधिक समय तक गेंद अपने कब्जे में रखी। टीम को छठे मिनट में बढ़त भी मिल गई, जब जोआओ नेवेस ने शानदार गोल दागकर स्कोर 1-0 कर दिया। लेकिन पहले हाफ के अंत में योआन वीसा ने डीआर कांगो के लिए बराबरी का गोल कर इतिहास रच दिया। यह फीफा विश्व कप में डीआर कांगो का पहला गोल भी था।
दूसरे हाफ में पुर्तगाल ने लगातार आक्रमण किए, लेकिन डीआर कांगो की मजबूत रक्षापंक्ति के सामने टीम दूसरा गोल नहीं कर सकी। इसके चलते मुकाबला 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ।
पुर्तगाल के मुख्य कोच रॉबर्टो मार्टिनेज ने भी रोनाल्डो का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जब टीम को गोल की जरूरत होती है तो रोनाल्डो जैसे खिलाड़ी को मैदान से बाहर रखना उचित नहीं है। मार्टिनेज के अनुसार रोनाल्डो अपनी मौजूदगी से विपक्षी डिफेंडरों का ध्यान अपनी ओर खींचते हैं, जिससे अन्य खिलाड़ियों को आक्रमण के लिए अधिक जगह मिलती है।
अब पुर्तगाल की नजरें अगले मुकाबले पर टिकी हैं, जहां टीम मंगलवार को उज्बेकिस्तान के खिलाफ जीत दर्ज कर टूर्नामेंट में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश करेगी।



