आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में बड़ा कदम, छत्तीसगढ़ सरकार–एसटीपीआई के बीच ऐतिहासिक एमओयू

रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार राज्य को ज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, छत्तीसगढ़ शासन और सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
मुख्यमंत्री साय ने अपने निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है और अब लक्ष्य है कि यह राज्य ज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में भी देश में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए। उन्होंने कहा कि आधुनिक अधोसंरचना, मजबूत ई-गवर्नेंस व्यवस्था और निवेश-अनुकूल नीतियों के कारण छत्तीसगढ़ आज आईटी, आईटीईएस और उभरती तकनीकों से जुड़े उद्योगों के लिए एक भरोसेमंद और आकर्षक गंतव्य के रूप में उभर रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस एमओयू के तहत राज्य में सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप (CoE) और अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड डेवलपमेंट (ESDD) सेंटर की स्थापना की जाएगी। इन केंद्रों के माध्यम से युवाओं में उद्यमिता को बढ़ावा देने के साथ-साथ आईटी और आईटीईएस जैसे क्षेत्रों में विश्वस्तरीय अवसर राज्य के भीतर ही उपलब्ध कराए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप के जरिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वन एवं औषधीय उत्पाद आधारित मेडटेक, स्मार्ट सिटी समाधान और स्मार्ट कृषि जैसे चार प्रमुख क्षेत्रों में नवाचार और स्टार्ट-अप को प्रोत्साहित किया जाएगा। वहीं, ESDD सेंटर हर वर्ष लगभग 30 से 40 हार्डवेयर स्टार्ट-अप और एमएसएमई को प्रोडक्ट डिजाइन, प्रोटोटाइपिंग, कौशल विकास और क्षमता निर्माण की सुविधाएं प्रदान करेगा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस पहल से प्रदेश के युवाओं को इनक्यूबेशन, मेंटरशिप, फंडिंग और आधुनिक प्रयोगशालाओं जैसी सुविधाएं राज्य में ही उपलब्ध होंगी। इससे उच्च कौशल वाले युवाओं का बड़े शहरों की ओर पलायन रुकेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं उद्यमिता को नई गति मिलेगी।
उन्होंने एसटीपीआई को एक राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित संस्था बताते हुए कहा कि देशभर में इसके 68 केंद्र और 24 सेक्टर-विशेष सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप का अनुभव छत्तीसगढ़ के स्टार्ट-अप और नवाचार इकोसिस्टम को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह समझौता राज्य के आर्थिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा और छत्तीसगढ़ को डिजिटल नवाचार, तकनीकी उद्यमिता और स्टार्ट-अप के क्षेत्र में राष्ट्रीय मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाएगा।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद, एसटीपीआई के निदेशक रवि वर्मा, चिप्स के सीईओ प्रभात मलिक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।





