Health Tips: आंखों की सेहत के लिए डाइट में शामिल करें ये चीजें, स्क्रीन टाइम के बीच ऐसे रखें आंखों का ख्याल

नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में कंप्यूटर, लैपटॉप और मोबाइल का इस्तेमाल काफी बढ़ गया है। लंबे समय तक स्क्रीन के सामने रहने, पर्याप्त नींद और आराम न मिलने तथा असंतुलित दिनचर्या के कारण आंखों में थकान, सूखापन, जलन और धुंधला दिखाई देने जैसी परेशानियां हो सकती हैं। ऐसे में आंखों की सेहत का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
आंखों को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित आहार, पर्याप्त नींद, नियमित शारीरिक गतिविधि और स्क्रीन टाइम के दौरान उचित ब्रेक लेना फायदेमंद हो सकता है। हालांकि, केवल खान-पान या घरेलू उपायों से चश्मे का नंबर खत्म होने की गारंटी नहीं होती। नजर से जुड़ी समस्या होने पर नेत्र विशेषज्ञ से जांच कराना जरूरी है।
एक्सरसाइज भी है जरूरी
नियमित व्यायाम को आंखों समेत पूरे शरीर के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है। शारीरिक गतिविधि वजन और ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद करती है। डायबिटीज जैसी स्थितियां आंखों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए रोजाना अपनी क्षमता के अनुसार व्यायाम करना और सक्रिय रहना जरूरी है।
संतरा और गाजर
गाजर में बीटा-कैरोटीन पाया जाता है, जिसे शरीर विटामिन ए में बदलता है। विटामिन ए आंखों के सामान्य स्वास्थ्य के लिए जरूरी पोषक तत्व है। वहीं संतरे जैसे खट्टे फलों में विटामिन सी पाया जाता है। इन्हें जूस के बजाय पूरे फल के रूप में लेना अधिक बेहतर हो सकता है।
पालक को डाइट में करें शामिल
पालक और अन्य हरी पत्तेदार सब्जियां कई जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं। इनमें ल्यूटिन और जियाजैंथिन जैसे कैरोटेनॉयड्स भी पाए जाते हैं, जो आंखों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं। पालक को सब्जी, सूप या अन्य व्यंजनों के रूप में डाइट में शामिल किया जा सकता है।
बादाम और शकरकंद भी फायदेमंद
बादाम में विटामिन ई सहित कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। वहीं शकरकंद बीटा-कैरोटीन का अच्छा स्रोत है। संतुलित डाइट के हिस्से के रूप में इनका सेवन आंखों के सामान्य स्वास्थ्य के लिए उपयोगी हो सकता है।
मेथी का सेवन
मेथी में फाइबर समेत कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसे भोजन का हिस्सा बनाया जा सकता है। हालांकि, केवल मेथी का पानी पीने से आंखों की रोशनी बढ़ने का पुख्ता वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
सरसों के तेल से आंखों की रोशनी बढ़ने का दावा
कई घरेलू नुस्खों में पैरों के तलवों पर सरसों के तेल से मालिश करने को आंखों की रोशनी के लिए फायदेमंद बताया जाता है। हालांकि, इस तरीके से आंखों की रोशनी बढ़ने का पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। इसे आंखों की समस्या के इलाज का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।
आंखों में गुलाब जल डालने से बचें
आंखों में किसी भी तरह का घरेलू या कॉस्मेटिक उत्पाद डालना नुकसानदायक हो सकता है, खासकर यदि वह स्टेराइल न हो। गुलाब जल को आंखों में डालने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। आंखों में जलन, लालिमा, दर्द या धुंधला दिखाई देने जैसी समस्या हो तो खुद से कोई चीज आंखों में न डालें।
त्रिफला का इस्तेमाल भी सावधानी से करें
त्रिफला को आयुर्वेद में कई तरह से इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन त्रिफला के पानी से आंखें धोने या इसे आंखों में डालने को नजर बढ़ाने का प्रमाणित इलाज नहीं माना जाता। आंखें बेहद संवेदनशील होती हैं, इसलिए किसी भी घरेलू मिश्रण का इस्तेमाल करने से पहले नेत्र विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है।
स्क्रीन टाइम के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
अगर आपका काम लंबे समय तक कंप्यूटर या मोबाइल पर निर्भर है तो बीच-बीच में आंखों को आराम दें। स्क्रीन को बहुत पास से देखने से बचें, पर्याप्त रोशनी में काम करें और नियमित रूप से पलकें झपकाते रहें। पर्याप्त नींद लेना भी आंखों की थकान कम करने में मदद कर सकता है।
ध्यान रखें: आंखों की रोशनी कम होना, बार-बार धुंधला दिखाई देना, आंखों में दर्द या अचानक नजर कमजोर होना किसी अन्य समस्या का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय नेत्र विशेषज्ञ से आंखों की जांच कराना जरूरी है।



