बच्चे के जन्म पर सोने की अंगूठी, सरकारी अस्पतालों में शुरू हुई नई योजना

मदुरै, 28 सितंबर 2026। तमिलनाडु सरकार नवजात बच्चों के लिए एक अनूठी योजना शुरू करने जा रही है। ‘थाई मामन थंगा मोथिरम थिट्टम’ के तहत राज्य के सरकारी अस्पतालों और सरकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में जन्म लेने वाले पात्र बच्चों को सरकार की ओर से 1 ग्राम सोने की अंगूठी दी जाएगी। योजना का औपचारिक शुभारंभ सोमवार, 28 सितंबर को मदुरै के सरकारी राजाजी अस्पताल में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय द्वारा किया जाएगा।
सरकार के अनुसार, योजना का लाभ केवल शुभारंभ के बाद जन्म लेने वाले बच्चों को ही नहीं मिलेगा। 22 जून 2026 से 27 सितंबर 2026 के बीच सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले पात्र बच्चे भी इसके दायरे में शामिल होंगे।
पहले चरण में खरीदी गईं 1.28 लाख अंगूठियां
योजना के शुरुआती चरण में सरकार ने 1.28 लाख सोने की अंगूठियां खरीदी हैं। प्रत्येक अंगूठी पर अलग सीरियल नंबर होगा और इन्हें छेड़छाड़ से सुरक्षित पैकेजिंग में लाभार्थियों को वितरित किया जाएगा।
सरकार का कहना है कि योजना का उद्देश्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में प्रसव को बढ़ावा देना और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति लोगों का भरोसा मजबूत करना है।
तमिल परंपरा से प्रेरित योजना
‘थाई मामन थंगा मोथिरम’ योजना का नाम तमिल समाज की पारंपरिक ‘थाई मामन सीर’ परंपरा से जुड़ा है। तमिल संस्कृति में बच्चे के जन्म के अवसर पर उसके मामा की ओर से उपहार देने की परंपरा रही है। इसी परंपरा से प्रेरित होकर सरकार ने नवजात बच्चों के स्वागत के लिए सोने की अंगूठी देने की योजना तैयार की है।
इन बच्चों को मिलेगा लाभ
योजना का लाभ लेने के लिए बच्चे का जन्म तमिलनाडु के सरकारी अस्पताल या सरकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में होना जरूरी है। साथ ही बच्चे की मां का तमिलनाडु की स्थायी निवासी होना आवश्यक है।
इसके अलावा मां का गर्भावस्था एवं शिशु निगरानी प्रणाली PICME में पंजीकरण और RCH ID होना भी जरूरी है। योजना को राज्य की मौजूदा गर्भावस्था, प्रसव और शिशु स्वास्थ्य निगरानी व्यवस्था से जोड़ा गया है।
पुराने लाभार्थियों के लिए बनाए गए 107 वितरण केंद्र
22 जून से 27 सितंबर के बीच सरकारी अस्पतालों में जन्मे पात्र बच्चों को अंगूठियां वितरित करने के लिए राज्य में 107 वितरण केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर प्रतिदिन करीब 100 बच्चों को अंगूठियां देने की व्यवस्था की गई है।
वहीं, योजना के शुभारंभ के बाद सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले पात्र नवजातों को अस्पताल से छुट्टी के समय ही अंगूठी प्रदान की जाएगी।
हर साल 4.41 लाख अंगूठियां बांटने का लक्ष्य
तमिलनाडु सरकार ने योजना के लिए 755.83 करोड़ रुपये का वार्षिक बजट निर्धारित किया है। इसके तहत हर साल करीब 4.41 लाख 22 कैरेट सोने की 1 ग्राम अंगूठियां वितरित करने की योजना है।
मदुरै के सरकारी राजाजी अस्पताल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विजय 25 नवजात बच्चों को अंगूठियां देकर योजना का शुभारंभ करेंगे। हालांकि, मदुरंतकम और धारापुरम विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव के चलते वहां योजना का शुभारंभ फिलहाल नहीं किया जाएगा।
सरकारी अस्पतालों में होते हैं 53 फीसदी प्रसव
राज्य सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, तमिलनाडु में हर साल करीब 7.8 लाख बच्चों का जन्म होता है। इनमें लगभग 4.20 लाख यानी 53 प्रतिशत प्रसव सरकारी अस्पतालों में होते हैं। सरकार का लक्ष्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में प्रसव को बढ़ावा देने के साथ माताओं और नवजात बच्चों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करना है।



