घर बैठे करें शिकायत, सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय करेगा निगरानी

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ सरकार आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन सेवा शुरू करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इसी कड़ी में बस्तर कलेक्टर कार्यालय के प्रेरणा सभाकक्ष में अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, ताकि हेल्पलाइन शुरू होने के बाद शिकायतों के निपटारे में किसी प्रकार की परेशानी न आए।
टोल फ्री नंबर 1076 पर दर्ज होगी शिकायत
राज्य सरकार जल्द ही टोल फ्री नंबर 1076 जारी करने जा रही है। इसके साथ एक विशेष वेब पोर्टल भी लॉन्च किया जाएगा, जहां नागरिक अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। सबसे खास बात यह है कि दर्ज की गई शिकायत सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय और सचिवालय की निगरानी में पहुंचेगी।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में कलेक्टर आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
7 दिनों में समाधान का लक्ष्य
सुशासन एवं अभिसरण विभाग द्वारा संचालित इस प्रणाली का उद्देश्य नागरिकों को शिकायत निवारण, शासकीय योजनाओं की जानकारी और समयबद्ध सेवाएं एक ही मंच पर उपलब्ध कराना है। सरकार का लक्ष्य है कि अधिकांश शिकायतों का समाधान 7 दिनों के भीतर किया जाए।
फोन, व्हाट्सएप, ऐप और पोर्टल से होगी शिकायत
नई हेल्पलाइन पूरी तरह तकनीक आधारित होगी। नागरिक निम्न माध्यमों से शिकायत दर्ज करा सकेंगे—
- टोल फ्री कॉल (1076)
- व्हाट्सएप
- वेब पोर्टल
- मोबाइल ऐप
- लिखित आवेदन
हर शिकायत को एक यूनिक टोकन नंबर दिया जाएगा, जिससे उसकी रियल-टाइम ट्रैकिंग की जा सकेगी।
24×7 सेवा, सालभर उपलब्ध रहेगा कॉल सेंटर
CM हेल्पलाइन कॉल सेंटर सप्ताह के सातों दिन और वर्ष के 365 दिन, 24 घंटे संचालित रहेगा। नागरिक किसी भी समय शिकायत दर्ज कर सकेंगे और उसकी प्रगति की जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे।
चार स्तर पर होगा शिकायतों का निपटारा
शिकायतों के समाधान के लिए चार स्तरीय व्यवस्था बनाई गई है—
- L-1: ब्लॉक स्तर
- L-2: जिला स्तर
- L-3: संभागीय/निदेशालय स्तर
- L-4: सचिव या विभागाध्यक्ष स्तर
यदि निर्धारित समय सीमा में शिकायत का समाधान नहीं होता, तो मामला स्वतः अगले स्तर पर पहुंच जाएगा।
जवाबदेही बढ़ेगी, अधिकारियों पर होगी कार्रवाई
सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक शिकायत के लिए समयसीमा तय होगी। यदि संबंधित विभाग समय पर कार्रवाई नहीं करता, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है। इससे प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ेगी और नागरिकों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
सुशासन की दिशा में बड़ा कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 राज्य में पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित प्रशासन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकती है। इससे जनता और सरकार के बीच सीधा संवाद स्थापित होगा तथा शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनेगी।



