मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने चिप्स के ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के उन्नत संस्करण ‘सेवा सेतु’ का किया शुभारंभ
अब सेवाएं नागरिकों के हाथ में: ‘सेवा सेतु’ से घर बैठे मिलेगी 441 सरकारी सुविधाएं

रायपुर : छत्तीसगढ़ में डिजिटल प्रशासन को नई दिशा देते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन से ‘सेवा सेतु’ पोर्टल का शुभारंभ किया। यह प्लेटफॉर्म ई-डिस्ट्रिक्ट परियोजना का उन्नत संस्करण है, जिसका उद्देश्य आम नागरिकों तक सरकारी सेवाओं को सरल, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से पहुंचाना है।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा सहित मंत्रिमंडल के कई सदस्य मौजूद रहे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग से राज्य में डिजिटल सेवाओं को और अधिक मजबूत बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ‘सेवा सेतु’ छत्तीसगढ़ की डिजिटल यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जो पहले CHOICE मॉडल और फिर ई-डिस्ट्रिक्ट परियोजना से आगे बढ़ते हुए अब और व्यापक रूप ले चुका है।
नई प्रणाली के तहत एक ही पोर्टल पर 400 से अधिक शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिनमें कई नई सेवाएं भी जोड़ी गई हैं। नागरिक अब आय, जाति, निवास, राशन कार्ड और विवाह पंजीकरण जैसे प्रमाण-पत्र आसानी से ऑनलाइन प्राप्त कर सकेंगे। अब तक इस प्रणाली के माध्यम से करोड़ों ट्रांजेक्शन और प्रमाण-पत्र जारी किए जा चुके हैं।
‘सेवा सेतु’ की खास बात यह है कि इसमें व्हाट्सएप आधारित सेवाएं भी जोड़ी गई हैं, जिससे लोग सीधे अपने मोबाइल के जरिए आवेदन कर सकते हैं, स्टेटस देख सकते हैं और डिजिटल प्रमाण-पत्र प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही आधार आधारित ई-केवाईसी, डिजिलॉकर और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म से एकीकरण कर सेवाओं को और सुरक्षित व सुविधाजनक बनाया गया है।
इस पोर्टल में ऑनलाइन भुगतान, डिजिटल रसीद, डीबीटी के जरिए सीधे खाते में राशि हस्तांतरण और रियल-टाइम ट्रैकिंग जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं। साथ ही क्यूआर कोड आधारित प्रमाण-पत्र सत्यापन, डिजिटल सिग्नेचर और क्लाउड स्टोरेज जैसी आधुनिक व्यवस्थाएं भी जोड़ी गई हैं।
राज्य में इस सेवा की पहुंच बढ़ाने के लिए हजारों लोक सेवा केंद्र, चॉइस सेंटर और कॉमन सर्विस सेंटर सक्रिय हैं, जहां से नागरिक आसानी से इन सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।
सरकार का कहना है कि ‘सेवा सेतु’ के जरिए शासन और नागरिकों के बीच की दूरी कम होगी और लोगों को समयबद्ध, पारदर्शी और बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी। यह पहल राज्य में सुशासन और डिजिटल सशक्तिकरण को नई गति देने वाली साबित होगी।




