फ्लाइट हादसे के बाद बड़ा फैसला: ड्रग टेस्ट में फेल पायलट को Air India ने नौकरी से हटाया

नई दिल्ली: एयर इंडिया ने विमानन सुरक्षा से जुड़े एक मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए फुकेत से दिल्ली आने वाली फ्लाइट के पायलट इन कमांड की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी हैं। पायलट को ड्रग टेस्ट में साइकोएक्टिव पदार्थ के लिए पॉजिटिव पाया गया था। खास बात यह है कि यह वही उड़ान थी, जिसमें अचानक विमान की ऊंचाई कम होने के कारण 24 यात्रियों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी।
यह मामला एयर इंडिया की फ्लाइट A12379 से जुड़ा है। उड़ान के दौरान विमान की ऊंचाई अचानक कम होने से यात्रियों को जोरदार झटका लगा था। घटना के बाद विमानन सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े हुए। हालांकि, शुरुआती जांच में विमान के सिस्टम में तकनीकी गड़बड़ी सामने आने की बात कही गई है।
ड्रग टेस्ट में पॉजिटिव मिला पायलट
एयर इंडिया के मुताबिक, फुकेत-दिल्ली फ्लाइट के पायलट इन कमांड के ड्रग टेस्ट में साइकोएक्टिव पदार्थ पाया गया। इसके बाद एयरलाइन ने पायलट की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का फैसला लिया।
एयर इंडिया ने कहा है कि विमानन सुरक्षा, पायलट की फिटनेस और नियामकीय नियमों के उल्लंघन को लेकर उसकी जीरो टॉलरेंस नीति है। यात्रियों की सुरक्षा और सभी सुरक्षा मानकों का पालन कंपनी की प्राथमिकता है।
36 हजार फीट की ऊंचाई पर आई तकनीकी समस्या
एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की शुरुआती जांच के अनुसार, करीब 145 यात्रियों को लेकर उड़ रहा एयर इंडिया का Airbus A320 लगभग 36,000 फीट की ऊंचाई पर था। इसी दौरान विमान के तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम लगभग एक साथ काम करना बंद हो गए।
हाइड्रोलिक सिस्टम में समस्या आने के बाद विमान का ऑटोपायलट डिस्कनेक्ट हो गया। इसके बाद कुछ समय के लिए स्टॉल वॉर्निंग भी मिली। यह चेतावनी उस स्थिति में आती है, जब विमान के पंखों को पर्याप्त लिफ्ट नहीं मिलती और उड़ान अस्थिर होने का खतरा बढ़ जाता है।
अचानक कम हुई ऊंचाई, 24 यात्री घायल
तकनीकी समस्या के बाद विमान की ऊंचाई तेजी से कम हुई, जिससे यात्रियों को जोरदार झटका लगा। इस घटना में 24 यात्रियों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी। घटना के बाद विमान की तकनीकी प्रणालियों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई।
हालांकि, शुरुआती जांच के आधार पर अभी घटना के सभी कारणों को अंतिम रूप से तय नहीं किया गया है।
पायलट के ड्रग टेस्ट और तकनीकी खराबी का सीधा संबंध नहीं
जांच रिपोर्ट में पायलट के साइकोएक्टिव पदार्थ के लिए पॉजिटिव पाए जाने का उल्लेख जरूर है, लेकिन रिपोर्ट में ऐसा कोई निष्कर्ष नहीं दिया गया है कि पायलट के ड्रग टेस्ट पॉजिटिव होने की वजह से विमान की ऊंचाई कम हुई या हाइड्रोलिक सिस्टम में खराबी आई।
यानी फिलहाल पायलट के ड्रग टेस्ट के परिणाम और उड़ान के दौरान सामने आई तकनीकी समस्या के बीच सीधा संबंध जांच से साबित नहीं हुआ है। विमान में आई तकनीकी खराबी और घटना के अन्य संभावित कारणों की जांच अलग से महत्वपूर्ण रहेगी।
सुरक्षा नियमों को लेकर एयर इंडिया सख्त
इस पूरे मामले में एयर इंडिया की कार्रवाई को पायलट फिटनेस और विमानन सुरक्षा नियमों के पालन के लिहाज से अहम माना जा रहा है। एयरलाइन ने साफ किया है कि सुरक्षा मानकों से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
पायलट की नौकरी खत्म करने का फैसला ड्रग टेस्ट में सामने आए परिणाम के आधार पर लिया गया है, जबकि विमान की ऊंचाई अचानक कम होने और हाइड्रोलिक सिस्टम में आई खराबी के कारणों का निर्धारण जांच के अंतिम निष्कर्षों से ही स्पष्ट होगा।



