छत्तीसगढ़

बलौदाबाजार-भाटापारा: 84 करोड़ 75 लाख की ठगी,साईं प्रसाद लिमिटेड का डायरेक्टर महाराष्ट्र से गिरफ्तार, निवेशकों को पैसा दोगुना करने का दिया था लालच

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लौदाबाजार-भाटापारा जिले में 84 करोड़ 75 लाख की ठगी करने वाले आरोपी शशांक बी भापकर (33 वर्ष) को महाराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस उसे गुरुवार को छत्तीसगढ़ लेकर आई। बलौदाबाजार पुलिस ने पुणे महाराष्ट्र में करीब 8 दिनों तक डेरा डालकर चिटफंड कंपनी के डायरेक्टर को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।

चिटफंड कंपनी साईं प्रसाद लिमिटेड के डायरेक्टर शशांक बी भापकर ने विभिन्न समयावधि में निवेशकों की राशि को दोगुना करने का झांसा दिया था। चौकी लवन में चिटफंड कंपनी के खिलाफ 6 लाख 75 हजार 058 रुपए का FIR दर्ज किया गया था। कलेक्टर कार्यालय में पूरे बलौदाबाजार-भाटापारा जिले से इस चिटफंड कंपनी के खिलाफ कुल 21,684 आवेदन मिले थे। जिसमें 84 करोड़ 75 लाख 30 हजार 217 रुपए की रकम वापसी कराने की मांग की गई थी।

वहीं इस चिटफंड कंपनी के खिलाफ पूरे छत्तीसगढ़ में कुल 19 एफआईआर दर्ज है। जिला बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस चिटफंड कंपनियों के फरार आरोपी डायरेक्टरों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सूचना मिली थी कि साईं प्रसाद कंपनी का एक आरोपी डायरेक्टर पुणे महाराष्ट्र में छिपा हुआ है। आरोपी शशांक बी. भापकर बहुत शातिर है। वो गिरफ्तारी के डर से लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था। पुणे में उसके छिपे होने की सूचना पर तत्काल एक पुलिस टीम महाराष्ट्र के लिए रवाना की गई। साइबर सेल को भी आरोपी की लोकेशन का लगातार पता लगाने के लिए एक्टिव किया गया।

पुलिस को जानकारी मिली थी कि आरोपी पुणे की एक कॉलोनी में रहता है, लेकिन अपने नाम से उसने फ्लैट बुक नहीं कराया है। यहां तक आरोपी अपने निजी वाहन से भी आना-जाना नहीं करता था। वो बहुत सतर्क और हर जानकारी छिपाकर रह रहा था। यहां तक कि आरोपी शशांक हर दिन अलग-अलग मोबाइल और सिम का इस्तेमाल कर रहा था। छत्तीसगढ़ पुलिस ने पुणे पुलिस से समन्वय स्थापित कर वहां डेरा डाल लिया। आरोपी के फोटो को आसपास रहने वाले और कॉलोनी के गार्ड को दिखाकर कन्फर्म किया गया। टीम को पता चला कि आरोपी के बगल वाला फ्लैट खाली है। तब कॉलोनी में उस फ्लैट को पुलिस ने ले लिया और वेश बदलकर वहां रुक गई। उसी दौरान आरोपी के पते पर उसकी बहन के नाम पर पार्सल आया। उसे वहीं पर रोक लिया गया।

पार्सल वाले लड़के के मोबाइल को पुलिस ने अपने पास रख लिया और आरोपी के ड्राइवर को भी रोककर रखा। इन सबसे जानकारी पुख्ता होने पर स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपी डायरेक्टर के घर में प्रवेश कर उसे गिरफ्तार कर लिया। वहां कोर्ट में पेश करने के बाद उसे ट्रांजिट रिमांड पर बलौदाबाजार की लवन चौकी लाया गया। यहां भी कोर्ट में पेश कर आरोपी की पुलिस कस्टडी ली गई है। फिलहाल उससे पूछताछ जारी है।

इस तरह से करता था ठगी

चिटफंड कंपनी साईं प्रसाद लिमिटेड के डायरेक्टर ने निवेशकों के रुपयों को निर्धारित अवधि में दोगुना करने का लालच देकर राशि जमा करवाई गई। जब समयावधि पूर्ण होने के बाद भी पैसे निवेशकों को वापस नहीं मिले, तब एक निवेशक छेदीलाल साहू निवासी ग्राम मल्लिन ने लवन चौकी में रिपोर्ट दर्ज करवाई। आरोपी के खिलाफ धारा 420, छग निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम 2005 की धारा 10 इनामी चिटफंड और धन परिचालन स्कीम पाबंदी अधिनियम की धारा 4, 5 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। कलेक्टर कार्यालय में पूरे जिले से इस चिटफंड कंपनी से निवेशकों द्वारा कुल 21,684 आवेदन मिले थे।

इससे पहले चिटफंड कंपनी के 2 आरोपी डायरेक्टरों को गिरफ्तार किया गया था। शशांक भापकर की गिरफ्तारी के बाद 3 डायरेक्टर अब तक पकड़े जा चुके हैं। इस चिटफंड कंपनी का सिमगा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चकरवाय में 10.771 हेक्टेयर भूमि अचल संपत्ति का होना भी पता चला है। जिसकी कुर्की की कार्रवाई की जा रही है। पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में साईं प्रसाद चिटफंड कंपनी के खिलाफ जिला रायपुर, कोरबा, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बालोद, कोरबा, धमतरी, कांकेर, जगदलपुर, कोंडागांव, सारंगढ़-बिलाईगढ़, बलौदाबाजार-भाटापारा में कुल 19 एफआईआर दर्ज हैं।