फार्मासिस्ट के घर इलाज के बाद 11 वर्षीय छात्र की मौत
बीएमओ बोले- जापानी इंसेफेलाइटिस की भी आशंका; जांच रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगा मौत का कारण

बीजापुर/भैरमगढ़| तालनार निवासी 11 वर्षीय छात्र आर्यन ओयाम की इलाज के दौरान मौत के बाद उपचार को लेकर सवाल उठने लगे हैं। आर्यन भैरमगढ़ के निर्मल विद्यालय में अध्ययनरत था। परिजनों के अनुसार तबीयत बिगड़ने पर उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भैरमगढ़ में पदस्थ फार्मासिस्ट धर्मेंद्र सिंह चंदेल के घर उपचार के लिए ले जाया गया था। उपचार के दौरान हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल लाया गया| जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति में रेफर किया गया। बाद में उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद इलाज के दौरान दी गई दवा और उसकी मात्रा को लेकर चर्चा है। हालांकि दवा की अधिक मात्रा दिए जाने की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मौत दवा के रिएक्शन, किसी बीमारी या अन्य चिकित्सकीय कारण से हुई, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
गंभीर हालत में किया गया था रेफर
भैरमगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी बीएमओ डॉ. रमेश तिग्गा ने बताया कि 26 सितंबर की रात करीब 9.25 बजे बच्चे को अस्पताल लाया गया था। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए रेफर किया गया। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया संदिग्ध जापानी इंसेफेलाइटिस (JE) की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। मौत का वास्तविक कारण चिकित्सकीय जांच और रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
दवा की डोज को लेकर सवाल
आर्यन की मौत के बाद क्षेत्र में चर्चा है कि उपचार के दौरान उसे दवा की अधिक मात्रा दी गई हो सकती है। हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे में उपचार के दौरान दी गई दवाओं, उनकी मात्रा और बच्चे की चिकित्सकीय स्थिति से जुड़े दस्तावेजों की जांच महत्वपूर्ण होगी।
मृतक के बड़े पिता ने बताया कि बच्चे को धर्मेंद्र चंदेल के घर उपचार के लिए ले जाया गया था। उनका कहना है कि यदि समय रहते बच्चे को बड़े अस्पताल में इलाज मिल जाता तो शायद उसकी जान बच सकती थी। परिवार ने घटना पर दुख जताया है।
शासकीय फार्मासिस्ट के घर उपचार पर भी सवाल
धर्मेंद्र सिंह चंदेल भैरमगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ड्रग डिस्पेंसर (फार्मासिस्ट) के पद पर कार्यरत हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार वे ड्यूटी के बाद अपने निवास पर भी मरीजों का उपचार करते हैं। घटना के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि शासकीय स्वास्थ्य संस्थान में पदस्थ फार्मासिस्ट द्वारा निजी आवास पर मरीजों का उपचार किन नियमों के तहत किया जा रहा था। इसकी स्थिति विभागीय जांच के बाद स्पष्ट हो सकती है।
तालनार में शोक, जांच की मांग
आर्यन की मौत के बाद तालनार के स्कूलपारा में शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि जांच से बच्चे की मौत के वास्तविक कारण का पता चलना चाहिए और यदि उपचार में किसी स्तर पर लापरवाही या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
हाई डोज दी गई थी?
फिलहाल इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। उपचार संबंधी दस्तावेज और दवा की मात्रा की जांच जरूरी है।मौत की वजह क्या थी?
बीएमओ ने जापानी इंसेफेलाइटिस की संभावना से भी इनकार नहीं किया है। अंतिम कारण जांच रिपोर्ट से स्पष्ट होगा।घर पर उपचार की अनुमति थी?
शासकीय फार्मासिस्ट द्वारा निजी आवास पर मरीजों के उपचार को लेकर लागू नियम और अनुमति की स्थिति भी जांच का विषय है।



