Make in India की नई उड़ान, अब भारत में बनेंगे स्मार्टफोन के अहम पार्ट्स

नई दिल्ली। ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के 12 वर्ष पूरे होने के साथ भारत के मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में बदलाव का अगला चरण शुरू हो गया है। केंद्र सरकार अब केवल मोबाइल फोन की असेंबली तक सीमित रहने के बजाय स्मार्टफोन में इस्तेमाल होने वाले कंपोनेंट्स और जरूरी कच्चे माल का उत्पादन देश में बढ़ाने पर जोर दे रही है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस दिशा में सरकार की तैयारियों और अब तक की प्रगति की जानकारी दी।
मोबाइल उत्पादन में कई गुना बढ़ोतरी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 में ‘मेक इन इंडिया’ पहल की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य देश में विनिर्माण को बढ़ावा देना, निवेश आकर्षित करना और रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ भारत को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करना था।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2014-15 में भारत में करीब 18,000 करोड़ रुपये के मोबाइल फोन का उत्पादन हुआ था। यह आंकड़ा 2024-25 में बढ़कर लगभग 5.45 लाख करोड़ रुपये हो गया। इस तरह एक दशक में मोबाइल उत्पादन में करीब 28 गुना वृद्धि दर्ज की गई। भारत अब हर साल 33 करोड़ से अधिक मोबाइल फोन के उत्पादन की क्षमता तक पहुंच चुका है।
असेंबली से आगे बढ़कर कंपोनेंट निर्माण पर नजर
सरकार का अगला लक्ष्य मोबाइल फोन की पूरी सप्लाई चेन को देश के भीतर मजबूत करना है। एक स्मार्टफोन में बड़ी संख्या में छोटे-बड़े कंपोनेंट इस्तेमाल होते हैं और इनमें से कई का उत्पादन अब भारत में शुरू हो चुका है।
अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, सरकार की कोशिश भारत को केवल फोन असेंबल करने वाला देश बनाने की नहीं, बल्कि स्मार्टफोन कंपोनेंट्स के निर्माण और सप्लाई चेन का प्रमुख केंद्र विकसित करने की है।
भारत में बन रहे बैटरी सेल और जरूरी सामग्री
मोबाइल फोन की बैटरी के लिए आवश्यक सेल का घरेलू उत्पादन भी शुरू हो गया है। अब सरकार इस क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए बैटरी सेल बनाने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल और विभिन्न परतों के उत्पादन की क्षमता विकसित करने पर काम कर रही है।
लिथियम-आयन बैटरी के निर्माण में उपयोग होने वाले सिंथेटिक ग्रेफाइट, लिक्विड इलेक्ट्रोलाइट और एसिटिलीन ब्लैक जैसे महत्वपूर्ण मैटेरियल को भी देश में तैयार करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
कैमरा, डिस्प्ले और PCB समेत कई कंपोनेंट्स का निर्माण
भारत में अब स्मार्टफोन के कई प्रमुख हिस्सों का उत्पादन भी होने लगा है। इनमें कैमरा और कैमरा मॉड्यूल, डिस्प्ले, स्पीकर, कॉइल, प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (PCB) और कनेक्टर जैसे कंपोनेंट शामिल हैं।
इससे मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग की वैल्यू चेन में घरेलू हिस्सेदारी बढ़ाने की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।
ग्लोबल कंपनियों की भारत में बढ़ती मौजूदगी
‘मेक इन इंडिया’ के तहत पिछले वर्षों में कई वैश्विक टेक कंपनियों ने भारत में उत्पादन शुरू किया है। कुछ कंपनियों ने स्थानीय कंपनियों के साथ साझेदारी और संयुक्त उपक्रमों के जरिए भी अपनी मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों का विस्तार किया है।
मोबाइल फोन उत्पादन में तेज वृद्धि के बाद अब केंद्र सरकार का फोकस कंपोनेंट निर्माण, बैटरी सप्लाई चेन और घरेलू वैल्यू एडिशन को बढ़ाने पर है। सरकार का मानना है कि इससे भारत के मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को और मजबूती मिल सकती है।



