बारिश बनी आफत! महाराष्ट्र में 17 उड़ानें रद्द, कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

मुंबई। महाराष्ट्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। राज्य के कई हिस्सों में भारी वर्षा, जलभराव और भूस्खलन की घटनाओं के बीच अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है। मुंबई, पालघर और रायगढ़ जिलों में रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई है, जिससे हालात और गंभीर हो गए हैं। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद प्रशासन हाई अलर्ट पर है।
हाई टाइड और तेज हवाओं को लेकर सतर्कता
बिगड़ते मौसम को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंत्रालय स्थित डिजास्टर कंट्रोल रूम में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में आपदा राहत मंत्री गिरीश महाजन और वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने बताया कि दोपहर बाद मुंबई के तटीय क्षेत्रों में हाई टाइड आने की संभावना है। यदि इसी दौरान भारी बारिश जारी रही तो शहर के कई इलाकों में गंभीर जलभराव की स्थिति बन सकती है। इसके अलावा 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी आशंका है। एहतियात के तौर पर भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
बारिश का असर हवाई सेवाओं पर
खराब मौसम का असर मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी पड़ा है। भारी बारिश और कम दृश्यता के कारण सुबह 11:30 बजे तक 17 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जबकि 217 उड़ानों के संचालन में देरी हुई। यात्रियों को एयरपोर्ट पहुंचने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी गई है।
विधानसभा की कार्यवाही भी रही प्रभावित
भारी बारिश और आपदा की स्थिति को देखते हुए महाराष्ट्र विधानसभा की सोमवार की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई। विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने सभी जनप्रतिनिधियों और नागरिकों से प्रशासन के साथ सहयोग करने की अपील की।
विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना
बारिश से हुई तबाही को लेकर विपक्ष ने राज्य सरकार की तैयारियों पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टीवार ने मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के मिसिंग लिंक सेक्शन पर हुए भूस्खलन को निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार और घटिया गुणवत्ता का परिणाम बताया। वहीं कांग्रेस एमएलसी सतेज (बंटी) पाटिल ने कहा कि मौसम विभाग की पूर्व चेतावनी के बावजूद सरकार समय पर प्रभावी कदम उठाने में विफल रही।
हालांकि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि दीवार गिरने और भूस्खलन जैसी घटनाएं अत्यधिक बारिश के कारण हुई हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी संबंधित एजेंसियां और स्थानीय प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में पूरी मुस्तैदी के साथ जुटे हुए हैं तथा लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।



