उप मुख्यमंत्री अरुण साव के बस्तर दौरे का असर, नल-जल योजना में लापरवाही पर दो ईई से मांगा स्पष्टीकरण

रायपुर, 11 जून 2026। छत्तीसगढ़ में नल-जल योजनाओं के संचालन में लापरवाही सामने आने पर सरकार सख्त नजर आ रही है। उप मुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव के निर्देश पर विभाग ने कोंडागांव और दंतेवाड़ा के कार्यपालन अभियंताओं (ईई) से स्पष्टीकरण मांगा है।
दरअसल, हाल ही में बस्तर प्रवास के दौरान उप मुख्यमंत्री अरुण साव को ग्रामीणों ने नल-जल योजना से पानी नहीं मिलने की शिकायत की थी। कोंडागांव जिले के ग्राम बेड़मा और दंतेवाड़ा जिले के टेकनार में आयोजित जल अर्पण कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने खुलकर नाराजगी जताई थी।
ग्रामीणों की शिकायत पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उप मुख्यमंत्री ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता के.के. मरकाम ने कोंडागांव के कार्यपालन अभियंता वीरेन्द्र पाण्डेय और दंतेवाड़ा के कार्यपालन अभियंता एस.पी. मण्डावी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
नोटिस में कहा गया है कि ग्रीष्म ऋतु जैसे महत्वपूर्ण समय में नवनिर्मित नल-जल योजना से नियमित जलापूर्ति नहीं होना गंभीर लापरवाही है। यह तकनीकी मानकों के अनुरूप कार्य नहीं होने को दर्शाता है। साथ ही अधिकारियों की कार्यप्रणाली से कार्यक्रम के दौरान असहज स्थिति निर्मित हुई, जिससे विभाग की छवि पर भी विपरीत प्रभाव पड़ा है।
विभाग ने दोनों अधिकारियों को सात दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने या विलंब होने की स्थिति में नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी।
सरकार की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि जल जीवन मिशन जैसी महत्वपूर्ण योजना में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आम जनता तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में ढिलाई करने वाले अधिकारियों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।



