नौतपा शुरू होते ही क्यों बढ़ जाता है तापमान? जानिए परंपरा और विज्ञान का संबंध

नई दिल्ली। हर साल की तरह इस बार भी नौतपा की शुरुआत 25 मई से होने जा रही है, जो 2 जून तक चलेगा। इन नौ दिनों के दौरान गर्मी अपने चरम पर रहती है और लोगों को तेज धूप व लू का सामना करना पड़ता है। मौसम विशेषज्ञों और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस अवधि में सूर्य की किरणें सीधे पृथ्वी पर पड़ती हैं, जिससे तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होती है।
क्या है नौतपा?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है, तब नौतपा की शुरुआत मानी जाती है। यह समय लगभग नौ दिनों तक रहता है और इस दौरान गर्मी सबसे अधिक महसूस की जाती है।
नौतपा की पहचान
नौतपा के दौरान सुबह 9 से 10 बजे के बाद ही तेज और गर्म हवाएं चलने लगती हैं। उत्तर भारत के कई राज्यों में दोपहर के समय तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच जाता है, जबकि कुछ इलाकों में यह 50 डिग्री सेल्सियस के करीब भी पहुंच सकता है। इस दौरान लू, गर्म हवाएं और उमस लोगों की परेशानी बढ़ा देती हैं।
वैज्ञानिक कारण क्या है?
वैज्ञानिक दृष्टि से मई के अंतिम सप्ताह में पृथ्वी और सूर्य के बीच की दूरी अपेक्षाकृत कम मानी जाती है। इसी वजह से सूर्य की गर्मी का प्रभाव अधिक महसूस होता है। साथ ही इस समय सूर्य की किरणें सीधी धरती पर पड़ती हैं, जिससे तापमान तेजी से बढ़ जाता है। मौसम विभाग के अनुसार नौतपा के दौरान कई क्षेत्रों में आंधी और तूफान जैसी स्थितियां भी बन सकती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि नौतपा केवल गर्मी का संकेत नहीं है, बल्कि यह मानसून से पहले मौसम में होने वाले बड़े बदलावों का भी संकेत माना जाता है।



