ATM से पैसे नहीं निकले, खाते से कटे 10 हजार… 238 दिन बाद लौटाई रकम, उपभोक्ता आयोग ने बैंक पर ठोका जुर्माना

भाटापारा:एटीएम से पैसे नहीं निकलने के बावजूद उपभोक्ता के खाते से 10 हजार रुपये काटे जाने और शिकायत के बाद 238 दिनों तक राशि वापस नहीं करने पर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग बलौदाबाजार ने पंजाब नेशनल बैंक शाखा भाटापारा और भारतीय स्टेट बैंक शाखा भाटापारा को सेवा में कमी और व्यावसायिक कदाचार का दोषी माना है। आयोग ने दोनों बैंकों को उपभोक्ता को कुल 31,300 रुपये भुगतान करने का आदेश दिया है।
आयोग के आदेश के अनुसार भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की गाइडलाइन के तहत विलंब के लिए 23,300 रुपये क्षतिपूर्ति, मानसिक व आर्थिक प्रताड़ना के लिए 5,000 रुपये तथा वाद व्यय के लिए 3,000 रुपये उपभोक्ता को दिए जाएंगे।
मामले के अनुसार भाटापारा निवासी राहुल साहू ने भारतीय स्टेट बैंक के एटीएम से 10,000 रुपये निकालने के लिए पंजाब नेशनल बैंक का एटीएम कार्ड उपयोग किया। ट्रांजेक्शन के दौरान खाते से राशि कट गई, लेकिन एटीएम से नगद राशि नहीं निकली। इसके बाद उपभोक्ता ने तत्काल अपने बैंक समेत संबंधित अधिकारियों और संस्थाओं में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के बावजूद करीब 9 माह तक उपभोक्ता को केवल आश्वासन मिलता रहा और लंबी प्रतीक्षा के बाद राशि खाते में वापस जमा की गई। अत्यधिक देरी से परेशान उपभोक्ता ने क्षतिपूर्ति की मांग करते हुए दोनों बैंकों और संबंधित अधिकारियों के समक्ष आवेदन दिया, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर मामला जिला उपभोक्ता आयोग पहुंचा।
आयोग ने दस्तावेजों, नियमों और RBI गाइडलाइन का परीक्षण करने के बाद पाया कि फेल्ड ट्रांजेक्शन की राशि लौटाने में कुल 238 दिनों का अनावश्यक विलंब किया गया, जो उपभोक्ता अधिकारों का स्पष्ट उल्लंघन है। आयोग ने इसे गंभीर सेवा लापरवाही और व्यावसायिक कदाचार मानते हुए दोनों बैंकों के खिलाफ आदेश पारित किया।
उपभोक्ता आयोग के इस फैसले को बैंकिंग लापरवाही के खिलाफ एक अहम संदेश माना जा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने की सीख मिली है।


