होर्मुज संकट पर ट्रंप का तीखा बयान—158 जहाजों के बाद दी बड़ी चेतावनी

वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ समुद्री मोर्चे पर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना अब उन सभी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखेगी जो समुद्री नाकाबंदी का उल्लंघन करती हैं और जरूरत पड़ने पर “किल सिस्टम” का इस्तेमाल भी किया जाएगा, जिसे आमतौर पर ड्रग तस्करी रोकने के अभियानों में प्रयोग किया जाता है।
ट्रंप ने सोमवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर बयान जारी करते हुए कहा कि अमेरिका की कार्रवाई के कारण ईरानी नौसेना पहले ही काफी कमजोर हो चुकी है। उनके अनुसार, “ईरान की समुद्री ताकत लगभग खत्म हो चुकी है और उसके कई जहाज नष्ट किए जा चुके हैं।”
उन्होंने आगे दावा किया कि कुछ “फास्ट अटैक शिप” को फिलहाल इसलिए छोड़ा गया है क्योंकि उनसे तत्काल कोई खतरा नहीं माना गया, लेकिन चेतावनी दी कि स्थिति बदलने पर कड़ा कदम उठाया जाएगा।
ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि कोई भी जहाज अमेरिकी नाकाबंदी क्षेत्र के करीब आता है तो उसे तुरंत कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने इसे ड्रग तस्करों के खिलाफ इस्तेमाल होने वाली सख्त सैन्य रणनीति जैसा बताया।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी दावा किया कि इन कठोर कदमों से समुद्री मार्गों के जरिए होने वाली अवैध ड्रग तस्करी में भारी कमी आई है और यह प्रणाली काफी प्रभावी साबित हो रही है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह नई समुद्री नीति सोमवार शाम (अमेरिकी समयानुसार सुबह 10 बजे) से लागू कर दी गई है। इसके तहत होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले सभी जहाजों की निगरानी और जांच की जाएगी, खासकर उन पर जो ईरान से जुड़े आर्थिक या टोल संबंध रखते हैं।
व्हाइट हाउस के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य ईरान की आर्थिक गतिविधियों पर दबाव बनाना और उसकी समुद्री क्षमता को सीमित करना है।



