आज सदन में हलचल के आसार, छत्तीसगढ़ विधानसभा में अहम मुद्दों पर चर्चा

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधान सभा का बजट सत्र जारी है और आज सदन में कई अहम विषयों पर चर्चा होने जा रही है। कार्यसूची के अनुसार बिजली नियामक आयोग, मनरेगा तथा गौसेवा आयोग की रिपोर्टें पेश की जाएंगी। इसके साथ ही दो अलग-अलग मामलों पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाए जाएंगे। वित्तीय वर्ष 2026-27 के आय-व्यय पर सामान्य चर्चा भी प्रस्तावित है। सत्र के दौरान दो अशासकीय संकल्प पेश किए जाने की संभावना जताई गई है।
इधर, मुख्य विपक्षी दल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने राज्य सरकार पर धान खरीदी को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस का दावा है कि दो लाख से अधिक किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर अपनी उपज बेचने से वंचित रह गए। इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की मांग करते हुए विपक्षी सदस्य आसन के समीप पहुंच गए, जिसके बाद विधानसभा नियमों के तहत वे स्वतः निलंबित हो गए।
शून्यकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने स्थगन प्रस्ताव लाते हुए कहा कि सरकार धान खरीदी प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित करने में असफल रही है। उनका आरोप है कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में 27 लाख से अधिक पंजीकृत किसानों में से करीब 2.11 लाख किसान अपनी फसल नहीं बेच सके। महंत के अनुसार, बड़ी संख्या में प्रभावित किसान अनुसूचित क्षेत्रों से हैं, जिससे आदिवासी किसानों पर ज्यादा असर पड़ा है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की सत्यापन प्रक्रिया, जमीन जांच, टोकन व्यवस्था और भुगतान प्रणाली में बाधाओं के कारण किसानों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। कांग्रेस विधायकों ने कुछ किसानों द्वारा आत्महत्या के प्रयास का भी जिक्र करते हुए सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी सरकार पर चर्चा से बचने का आरोप लगाया और कहा कि किसानों को प्रशासनिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं, संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने स्थगन प्रस्ताव को खारिज करने का आग्रह करते हुए कहा कि बजट चर्चा के दौरान सभी सदस्यों को अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा। सदन की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ विधायक धरमलाल कौशिक ने भी स्पष्ट किया कि स्थगन प्रस्ताव अस्वीकार किया जा चुका है और नियमानुसार आगे की कार्यवाही जारी रहेगी।
फैसले से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी की और आसन के समीप पहुंच गए। इसके बाद नियमों के तहत 32 कांग्रेस विधायकों के निलंबन की घोषणा की गई, जिसे बाद में वापस ले लिया गया।



