बजट 2026 की औपचारिक शुरुआत: राष्ट्रपति मुर्मु से भेंट, डिजिटल बही-खाता बना चर्चा का विषय

नई दिल्ली। केंद्रीय बजट 2026 पेश करने से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने बजट दस्तावेजों का डिजिटल संस्करण, जिसे लाल रंग के ‘डिजिटल बही-खाते’ के रूप में प्रस्तुत किया गया, राष्ट्रपति को दिखाया। यह मुलाकात बजट प्रक्रिया की संवैधानिक परंपरा का हिस्सा मानी जाती है।
सरकार इस बार भी पूरी तरह पेपरलेस बजट पेश करने जा रही है। डिजिटल माध्यम से बजट दस्तावेज प्रस्तुत करने की पहल की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने की थी, जिसे अब लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ी है, बल्कि प्रक्रिया अधिक आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल भी हुई है।
परंपरा से टेक्नोलॉजी तक का सफर
निर्मला सीतारमण ने 2019 में बजट पेश करते समय ब्रिटिश काल से चली आ रही चमड़े की ब्रीफकेस परंपरा को समाप्त कर पारंपरिक भारतीय बही-खाते को अपनाया था। इसके बाद 2021 में उन्होंने बजट दस्तावेजों को डिजिटल टैबलेट के माध्यम से प्रस्तुत कर एक नई मिसाल कायम की। वर्ष 2026 का बजट उनके कार्यकाल का लगातार नौवां बजट होगा।
चुनौतीपूर्ण वैश्विक माहौल में बजट
यह बजट ऐसे समय में पेश किया जा रहा है, जब वैश्विक अर्थव्यवस्था दबाव में है और कई उद्योग शुल्क एवं व्यापार नीतियों के असर से जूझ रहे हैं। ऐसे में उद्योग जगत और निर्यात से जुड़े क्षेत्रों की निगाहें बजट में मिलने वाली संभावित राहतों और नीतिगत संकेतों पर टिकी हुई हैं।
बजट के बाद छात्रों से संवाद
बजट भाषण के बाद वित्त मंत्री सीतारमण युवा पीढ़ी से संवाद भी करेंगी। विभिन्न राज्यों और शैक्षणिक पृष्ठभूमि से चुने गए लगभग 30 छात्र इस विशेष पहल का हिस्सा बनेंगे। ये छात्र लोकसभा गैलरी से बजट का सीधा प्रसारण देखेंगे और इसके बाद वित्त मंत्रालय पहुंचकर वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेंगे।
इस कार्यक्रम के जरिए छात्रों को न केवल बजट और नीति निर्माण की प्रक्रिया को समझने का अवसर मिलेगा, बल्कि वे यह भी जान सकेंगे कि किस तरह सरकारी संस्थान देश के विकास और राष्ट्र निर्माण में भूमिका निभाते हैं।



