ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़ा बदलाव, अब गांव में ही मिलेगा गंभीर बीमारियों का इलाज

रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार ने ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। अब राज्य के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) में सामान्य बीमारियों के साथ-साथ शुगर, थायराइड और खून को पतला करने वाली बीमारियों की दवाएं भी मरीजों को उपलब्ध कराई जाएंगी। अब तक ये दवाएं सिर्फ जिला अस्पतालों या मेडिकल कॉलेजों तक सीमित थीं, जिसके चलते ग्रामीण मरीजों को इलाज के लिए शहरों का रुख करना पड़ता था।
जरूरी दवाओं की सूची में हुआ बड़ा विस्तार
स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीण क्षेत्रों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए दवाओं की उपलब्धता में व्यापक विस्तार किया है। नए निर्णय के तहत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में दवाओं की संख्या 146 से बढ़ाकर 247 कर दी गई है। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) में अब 196 के बजाय 365 प्रकार की दवाएं मरीजों को मिलेंगी। इससे इलाज की गुणवत्ता और समय दोनों में सुधार होने की उम्मीद है।
उप स्वास्थ्य केंद्रों की भूमिका भी होगी मजबूत
सरकार ने उप स्वास्थ्य केंद्रों को भी अधिक सक्षम बनाने का निर्णय लिया है। जहां पहले इन केंद्रों में सीमित रूप से सामान्य सर्दी-जुकाम की दवाएं उपलब्ध थीं, वहीं अब यहां भी 146 प्रकार की दवाओं की आपूर्ति की जाएगी। इनमें एंटीबायोटिक, दर्द निवारक दवाएं और इंजेक्शन भी शामिल होंगे। इससे उप स्वास्थ्य केंद्रों पर मिलने वाली सुविधाएं लगभग प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के समान हो जाएंगी।
गांव के मरीजों को मिलेगा सीधा लाभ
इस फैसले से ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को सबसे बड़ा फायदा होगा। अब गंभीर और लंबे समय तक चलने वाली बीमारियों के लिए उन्हें दूर-दराज के अस्पतालों में बार-बार जाने की मजबूरी नहीं रहेगी। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस व्यवस्था की नियमित समीक्षा की जाएगी और यदि किसी स्तर पर खामियां सामने आती हैं, तो उन्हें तुरंत दूर कर प्रणाली को और बेहतर बनाया जाएगा।



